कल्पना

कल्पना

expecting ur reviews and kind attention with ur graceful words ..

जब धरा उठ कर बने आकाश तो अच्छा लगे ,
जब मही की तृप्ति को बादल करे बरसात तो अच्छा लगे.

है अँधेरा, धुंध सा है,राह पथरीली बहुत ,
इस घुटन को चीर कर लूँ साँस तो अच्छा लगे.

मन शांत हो, जिज्ञाशु बुद्धि , और दया संचार हो,
भीड़ से उठकर कोई बोले “शाबास “तो अच्छा लगे .

खोज हो जब सत्य की , और धर्म  का संधान हो ,
शक्ति और क्षमता करें सहवास तो अच्छा लगे .

हो यहाँ प्रज्ञा अकल्पित , प्रेम का संगीत हो ,
धैर्य और साहस पर , हो अटल विश्वास तो अच्छा लगे .

हर कदम पर ,हर शहर में , हर ग़ज़ल हर गीत में ,
हो जहाँ भी मीर तेरी बात तो अच्छा लगे ..
…atr

#feel_it


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Hi everyone. This is Abhishek from Varanasi.

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13 Comments

  1. Profile photo of Ajay Nawal

    Ajay Nawal - September 27, 2015, 11:14 pm

    bahut achi kalpana!

  2. Profile photo of Abhishek Tripathi

    Abhishek Tripathi - September 27, 2015, 10:47 pm

    bahut shukriya S A sharma sir..

  3. Panna - September 25, 2015, 7:15 pm

    too gud yaar

  4. अंकित तिवारी - September 25, 2015, 9:25 am

    ye aap nahi,, aapka dariya- dil bol rha h mere liye

  5. अंकित तिवारी - September 24, 2015, 11:17 pm

    Kyaa baat h… Ek dm kaatil

  6. Profile photo of Mohit Sharma

    Mohit Sharma - September 24, 2015, 6:32 pm

    gud one!

  7. Anjali Gupta - September 24, 2015, 4:22 am

    Awesome ghazal…Lazbaab!

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