Saavan

Season of poetry

ganga

गंगा की व्यथा

जीवन का आधार हूं मैं भागीरथ की पुकार हूं मैं मोक्ष का द्वार हूं मैं तेरे पूर्वजों का उपहार हूं मैं तेरा आज, तेरा कल हूं मैं तुझ पर ममता का आंचल हूं मैं हर युग की कथा हूं मैं विचलित व्यथित व्यथा हूं मैं तेरी मां हूं मैं, गंगा हूं मैं| अनादि अनंत काल […]

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सवेरे सवेरे ….! (भक्तिगीत)

Singer: Vishvnand ji सवेरे सवेरे ….! (भक्तिगीत) सवेरे सवेरे, प्रभु के मनन में,, मिले चैन हमरे मन को, मिले ज्ञान हमरे मन को ….! कितना बड़ा है हमें वर प्रभु का, मिला जन्म मानव का हमको नहीं भूलना है ये हमको …! दिया ज्ञान उसने और सोचा था हम सब रक्षा करेंगे धरा की रहें प्यार […]

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आज फिर लगा दिल से अभी भी आग उठती है, कभी वो याद आ जाये कहानी जाग उठती है… …atr

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कहीं हमको भी जाना है..

तू ही दौलत मेरे दिल कि तू ही मेरा खज़ाना है, मेरे दिल में मेरे साक़ी तेरा ही गुनगुनाना है. चलो अब देखते है फिर मुलाक़ातें कहाँ होंगी , कहीं तुमको भी जाना है कहीं हमको भी जाना है.. ….atr

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मुझको पिलाओ यारो…..

आज फिर जी भर के मुझको पिलाओ यारो, मैं तो झूमा हूँ, मुझे और झुमाओ यारो.. आज इतनी पिलाओ कि फिर होश न रहे, अब तो साकी से मुझे और दिलाओ यारो.. रात आधी है बंद है मयकदा, मेरे जीने के लिए इसको खुलाओ यारो.. पी पी के मरने में वक़्त लगेगा मुझे; आज ही […]

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जीवन की पुस्तक

मेरे जीवन की पुस्तक को है पढ़ पाना बड़ा मुश्किल , कि इसमें दुःख है पीड़ा है सुख पाना बड़ा मुश्किल . ये पुस्तक आज भी यूँ मीर स्वर्णिम ही रही होती , तुझे पाना बड़ा मुश्किल तुझे खोना बड़ा मुश्किल… …atr

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मेरी आदत

मुझे अब भी हवाओं में तुम्हे सुनने की आदत है , मुझे अब भी निशाओं में तुम्हे चुनने की आदत है .. मैं अब भी फ़िज़ाओं में तुम्हे महसूस करता हूँ , मुझे अब भी घटाओं में तुम्हे बुनने की आदत है ….. …atr

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मैं और वो

चन्दन मेरा वजूद है लिपटे हुए हैं सांप , बेबस की ये दवा है क्या मीर किया जाये …. गुलजार करने आया था वो बागबान मानिंद , गुलसन उजाड़ कर फिर वो मीर चल दिया .. …atr

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घर याद आया .

फिर मुझको मेरा घर याद आया . अकेला था मेरा मन जब , न था कोई भी जब साया . फिर मुझको ….. मैं खाने जब भी जाता हूँ , तो माँ की याद आती है , अकेले सोचता हूँ जब, मुझे पल पल रुलाती है . कभी दुविधा में जब मैं था, तो ईश्वर […]

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आरज़ू

दबी जबान में चलो आज बात हो जाये , आँखों ही आँखों में अब मुलाकात हो जाये जज्बातों में अब आबरू बची भी रहे , चलो फिर आज दिल से दिल की बात हो जाये …. …atr

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दिल की बातें

दिल की बातें पु६कर पहुंची जहाँ दिलबर मेरा , राह में एक अजनबी ने सुन लिया वो रो पड़ा … …atr

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आज फिर याद में….

आज फिर याद में उनके आँशू बहे ,वो सलामत रहे ,हम रहें न रहें . अब तो दिन रात रहती है आँखे सज़ल ,अब तो कटती है राते यूँ सुनकर ग़ज़ल .है यही आरज़ू ये ग़ज़ल का सफर ,यूँ ही चलता रहे, दिन गुजरता रहे. आज फिर याद में उनके आँशू बहे …. दर्द के […]

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My River runs to thee by Emily Dickinson

Analysis “My River runs to thee” is a poem written by Emily Dickinson. In it, the river is running towards the sea bearing gifts. She’s asking if the sea will welcome her and she awaits its reply. She’s practically begging the sea to take her with “Take me!”. Knowing Dickinson’s religiousness, longing for death, and […]

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Love One Another by Khalil Gibran

Analysis “Love One Another” is a poem by Khalil Gibran. It is from a section of the great work titled “The Prophet” and is found on page 15 written “On Marriage.” In this poem, Gibran speaks of his belief in love but also the importance of individuality and the spirit. It is made up of […]

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