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New Poems

आपकी मुसकान

आपकी मुसकान के आधीन, यह दिल हो चुका । अब नाजा जीते जी कभी भी हो सके आजाद यह । अब इवादत प्यार की , करता रहेगा उम्र भर । इनायत या शिकायत की., करेगा फरियाद यह । »

दिल

किसी का दिल भी , आईने की तरह टूट गया। लाख पुचकार कर जोड़ें, नहीं जुड़ पाएगा । रास्ता जिंदगी का बन गया आड़ा-टेढ़ा , लाख चाहें , नहीं सीधा कभी , मुड़ पाएगा । »

अपलक

अपलक टकटकी लगाकर, देखते ही देखते । जिंदगी कब गुजर जाए, कुछ नहीं इसका पता। »

निगाहों के रस्ते रस्ते

निगाहों के रस्ते रस्ते , प्यार का पैगाम दिल तलक पहुंचे , प्यार की पहली नजर ही प्यार की पहली सीढ़ी है । »

बिखरना फिर सिमट जाना

बिखरना फिर सिमट जाना, इश्के अंजाम होता है । प्यास दिल की बुझाने को , नजर का जाम होता है। »

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