ये कैसा तसव्वुर, कैसा रब्त, कैसा वक्त है
जो कभी होता भी नहीं, कभी गुजरता भी नहीं

कविता प्रकाशित करने के लिए यहां क्लिक करें |

1456+ Poets 5k Poems 9k Comments

सावन की गूगल प्ले से ऐप डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें |


यदि आपको किसी कवि की कविता पसंद आती है तो उस पर अपनी अभिव्यक्ति अवश्य दें|

Latest Activity

 

हमारा सहयोगी 

Storieo l