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New Poems

तेरे न होने का वज़ूद

एक तू ही है जो नहीं है बाकि तो सब हैं लेकिन… तेरे न होने का वज़ूद भी सबके होने पे भारी है मुझे भी जैसे तुझे सोचते रहने की एक अज़ीब बीमारी है। नहीं कर सकता आंखे बंद क्योंकि तेरा ही अक्ष नज़र आना है उसके बाद तब तक जब तक मैं बेखबर न हो जाऊ खुद के होने की खबर से और अगर आंखे खुली रखूँ तो दुनिया की फ्रेम में एक बहुत गहरी कमी मुझे साफ नज़र आती है जो बहुत ही ज्यादा चुभती चली जाती है क्योंकि उस फ्रेम में मुझे तू कहीं दिख नहीं पाती है। -KUMAR BUNTY »

SHAYARI

उसके चुप रहने का अंदाज़ बहुत कुछ कहता है इशारो की बातें हैं कोई लफ्ज़ भी इतने सलीखे से नहीं कहता है। »

मुक्तक

मुक्तक

तेरी चाहत मेरी आदत सी बन गयी है! मेरी जिन्दगी की अमानत सी बन गयी है! पलकों में चलते रहते हैं यादों के कदम, मेरी बंदगी की इबारत सी बन गयी है! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय »

मुक्तक

मुक्तक

तेरा कबतलक मैं इंतजार करता रहूँ? तेरी वफा पर मैं ऐतबार करता रहूँ? दफ़न हो गयी है अंधेरों में जिन्दगी, दर्दे-जुदाई में तुमसे प्यार करता रहूँ? मुक्तककार- #मिथिलेश_राय »

मुक्तक

मुक्तक

तेरी यादों की तन्हाई से डर जाता हूँ! तेरी चाहत की परछाई से डर जाता हूँ! टूट गये हैं ख्वाब सभी तेरी रुसवाई से, तेरी जुल्फ की अंगड़ाई से डर जाता हूँ! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय »

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