• Welcome to Saavan

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  • Saavan: Redefining Poetry

Latest Activity

  • जो तुम मेरे होते ,
    निरिह विरह में व्याकुल मन से,
    मेरे  चित की सुन्दरता जान लेते,
    मन्त्र-मुग्ध मन में मेरे ,
    अपनी धुन पहचान लेते,
    जो तुम मेरे होते,
    लोलुप मन विचलित न होता,
    तुम नीर बिन […]

  • Khuwaabgaah Ka Har Khuwaab Baaki
    Dil Ki Har Zidd, Har Ruwaab Baaki

    Nasha-e-Ishq Ka Kisaa Gart Main Pada
    Maykade Ki Saari Sharaab, Shabaab Baaki

    Gumnaami Ki Seher, Badnaami Ka Karwaa,
    Insaani Fitrat Ka Har Azaab […]

  • तेरे सिवा कुछ मुझे नज़र आता नहीं है!
    मेरा सफर यादों का गुजर पाता नहीं है!
    राहें खींच लेती हैं इरादों की इसतरह,
    ख्वाबे-जुत्सजू तेरा मुकर पाता नहीं है!

    Composed By #महादेव

  • तेरे सिवा कुछ मुझे नज़र आता नहीं है!

    मेरा सफर यादों का गुजर पाता नहीं है!

    राहें खींच लेती हैं इरादों की इसतरह,

    ख्वाबे-जुत्सजू तेरा मुकर पाता नहीं है!

    Composed By #महादेव

  • जब होश संभाला तो
    तुमसे जिंदगी को समझाया जाता था
    अब कुछ भी समझता हूँ
    तो तुम्हारा सृजन होता है
    जब मस्तिष्क का ताल
    दिल के तारों को छेड़ता है
    तो झंकृत हो तुम बाहर आती हो
    तुम तब भी होती हो
    जब रात चोरी-छिपे […]

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जो तुम मेरे होते

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Baaki…………

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मुक्तक

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जिन्दगी और कविता

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मुक्तक

तुझे सोचना ही मुझे ज... »

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