Mithilesh Rai

  • तुमको किसी से कभी तो प्यार होगा!
    जिन्दगी का हर-पल बेकरार होगा!
    घेर लेगी दिल को जब भी तन्हाई,
    तुमको हमसफर का इंतजार होगा!

    मुक्तककार-#मिथिलेश_राय
    (#मात्राभार_21)

  • तेरी आरजू से मुँह मोड़ नहीं पाता हूँ!
    तेरी तमन्नाओं को छोड़ नहीं पाता हूँ!
    यादों में ढूंढ लेता हूँ तस्वीरें तेरी,
    तेरे प्यार से रिश्ता तोड़ नहीं पाता हूँ!

    मुक्तककार-#मिथिलेश_राय
    (#मात्राभार_25)

  • तेरी यादों की जब भी आहट होती है!
    दिल में जैसे कोई घबराहट होती है!
    साँसों की रफ्तार बढ़ जाती है जिस्म में,
    धड़कन में चाहत की गर्माहट होती है!

    मुक्तककार-#मिथिलेश_राय
    (#मात्राभार_24)

  • जो आती है लबों पर बात तुम वही तो हो!
    जो तड़पाती है मुलाकात तुम वही तो हो!
    ठहरी हुई है आग अभी चाहत की दिल में,
    जो जागी हुई है हर रात तुम वही तो हो!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
    (#मात्रा_भार_25)

  • तुमसे मुलाकात कभी जो हो जाती है!
    जैसे दिल में अंगड़ाई रो जाती है!
    मयकदों में ढूंढता हूँ यादों के निशां,
    मेरी नींद पैमानों में खो जाती है!

    रचनाकार-#मिथिलेश_राय
    (#मात्रा_भार_23)

  • तेरे बगैर तन्हा जमाने में रह गया हूँ!
    तेरी यादों के आशियाने में रह गया हूँ!
    हरवक्त तड़पाती है मुझे तेरी बेरुख़ी,
    तेरे ख्यालों के तहखाने में रह गया हूँ!

    मुक्तककार-#मिथिलेश_राय

  • आरजू तेरी बुला रही है मुझे!
    याद भी तुमसे मिला रही है मुझे!
    किसतरह मैं रोकूँ दिल की तड़प को?
    आग चाहत की जला रही है मुझे!

    मुक्तककार-#मिथिलेश_राय

  • आओ फिर से एक बार नादानी हम करें!
    नजरों में तिश्नगी की रवानी हम करें!
    जागी हुई है दिल में चाहत की गुदगुदी,
    आओ फिर से जख्मों की कहानी हम करें!

    मुक्तककार-#मिथिलेश_राय

  • मुझको तेरी याद अभी फिर आयी है!
    चाहत की फरियाद अभी फिर आयी है!
    मुझको ढूंढ रही है तन्हाई फिर से,
    तस्वीरे-बरबाद अभी फिर आयी है!

    मुक्तककार-#मिथिलेश_राय

  • तुम देखकर भी मुझको ठहरते नहीं हो!
    तुम सामने मेरे कभी रहते नहीं हो!
    बेचैनियों का शोर है ख्यालों में मगर,
    तुम अपनी जुबां से कभी कहते नहीं हो!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • तेरे लिए हम तन्हा होते चले गये!
    तेरे लिए हम खुद को खोते चले गये!
    पास जब भी आयी है यादों की चुभन,
    तेरी ही चाहत में रोते चले गये!

    #महादेव_की_मुक्तक_रचनाऐं’

  • तेरा नाम कागज पर बार-बार लिखता हूँ!
    तेरे प्यार को दिल में बेशुमार लिखता हूँ!
    टूटेगा न सिलसिला तेरी तमन्नाओं का,
    तेरे ख्यालों पर गमें-बेकरार लिखता हूँ!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • ख्वाबों की हकीकतें रिश्ते तोड़ देती हैं!
    रिश्तों की जरूरतें तन्हा छोड़ देती हैं!
    ख्वाहिशें जमाने की तड़पाती हैं दिल को,
    जिन्दगी की मुश्किलें राहें मोड़ देती हैं!

    #महादेव_की_मुक्तक_रचनाऐं’

  • दिन गुजर जाएगा मगर रात जब होगी!
    तेरी चाहत से मुलाकात तब होगी!
    सिसकियाँ ख्यालों की तड़पाएगीं कबतक?
    तुमसे दिल की रू-ब-रू बात कब होगी?

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

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  • तेरे ख्यालों की मैं राह ढूंढ लेता हूँ!
    तेरे जख्मों की मैं आह ढूंढ़ लेता हूँ!
    ढूंढ लेती हैं मुझको तन्हाइयाँ जब भी,
    मयकदों में अपनी पनाह ढूंढ लेता हूँ!

    मुक्तककार-#मिथिलेश_राय

  • वक्त जाता है मगर खामोशी नहीं जाती!
    तेरे हुस्न की कभी मदहोशी नहीं जाती!
    फैली हुई है हरतरफ यादों की ख़ुशबू,
    तेरी चाहतों की सरगोशी नहीं जाती!

    मुक्तककार-#मिथिलेश_राय

  • तेरे दीदार का बहाना मिल ही जाता है!
    तेरी उल्फ़त का तराना मिल ही जाता है!
    कभी थकती नहीं नजरें मेरी इंतजार में,
    तेरी यादों का नजराना मिल ही जाता है!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • मैं इत्तेफाक से गुनाह कर बैठा हूँ!
    तेरे रुखसार पर निगाह कर बैठा हूँ!
    शामों-सहर रहता हूँ बेचैन इसकदर,
    तेरे लिए जिन्दगी तबाह कर बैठा हूँ!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

    • बेहतरीन प्रस्तुति मिथिलेश जी।
      लाजवाब जी।

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  • मेरा जिस्म है मगर जान तुम्हारी है!
    तेरे बिना तन्हा जिन्दगी हमारी है!
    दर्द बरक़रार है तेरी जुदाई का,
    जाम की मदहोशी मेरी लाचारी है!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

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