जरुरत से ज्यादा

जरुरत से ज्यादा जुर्रत कर
हिम्मत से ज्यादा हिमाकत कर।

ख्वाब जितने भी हैं जिस्म में तेरे
उन सबको रूह में शामिल कर।

जरुरी नहीं सबको जिन्दा दिखे तू
किसी के लिए मरने का भी हुनर जिन्दा रख।

यूँ ही नहीं मिलते जजीरे इश्क के सबको
साहिलों पर आकर डूबने का हुनर भी सिखा कर।

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2 Comments

  1. Anjali Gupta - June 6, 2019, 8:45 am

    Nice

  2. Antariksha Saha - June 7, 2019, 9:01 pm

    Bahut khub

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