अच्छा किया तुमने याद दिला दिया……..

अच्छा किया तुमने याद दिला दिया……..

हक नही मुझे कोई फ़रमाइश करने का,
हक नही मुझे कोई बेबुनियाद सी जिद्द करने का,
सिर्फ तुम्हारी हर ख़्वाहिश पूरी करनी हैं मुझे….
कोई हक नही मुझे अपनी बात मनवाने का,
अच्छा किया तुमने याद दिला दिया…..!!!

हक नही मुझे कोई आरज़ू रखने का,
हक नही मुझे किसी की चाहत पाने का,
तुम्हारे हर सपने को पूरा करना हैं मैंने….
कोई हक नही मुझे ख़्वाब देखने का,
अच्छा किया तुमने याद दिला दिया…!!!

कोई हक नही मुझे खिलखिलाने का,
कोई हक नही मुझे आँसू बहाने का,
तुम्हारी हर ख़ुशी गम का ध्यान रखना हैं मुझे…..
कोई हक नही मुझे मेरी ख़ुशियाँ पाने का,
अच्छा किया तुमने याद दिला दिया….!!!

कोई हक नही मुझे खुलकर बोलने का,
कोई हक नही मुझे चुप रहने का,
तुम्हारी हर बात को मानना हैं मुझे….
कोई हक नही मुझे अपनी राय देने का,
अच्छा किया तुमने याद दिला दिया….!!!

कोई हक नही मुझे अपनों को याद करने का,
कोई हक नही मुझे अपनों से मिल पाने का,
सिर्फ तुम्हारे घर में रहना हैं मुझे…..
कोई हक नही मुझे इसे अपना घर मानने का,
अच्छा किया तुमने याद दिला दिया….!!!

अच्छा किया तुमने याद दिला दिया….!!!

Previous Poem
Next Poem

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

3 Comments

  1. ashmita - December 24, 2018, 7:31 pm

    nice

  2. देवेश साखरे 'देव' - December 25, 2018, 2:48 pm

    लाजवाब

  3. Anjali Gupta - December 25, 2018, 5:07 pm

    beautiful

Leave a Reply