#Karma&Love

क्यों इतने दुःख सह्ता तूं

कह्ते हैं सब में रह्ता तूं क्यों इतने दुःख सह्ता तूं क्या इससे बेहतर काम नही या हममें तुझको मान नही   ….. यूई »

कैसे तेरी पहचान करूँ ?

कोई कहता तू ऐसा है कोई कहता तूं वैसा है मिल जाऊँ कभी तुमसे तो कैसे तेरी पहचान करूँ ?   ….. यूई »

क्या मैं तेरे जैसा नही

मैं इतने जो पाप करूँ क्यों मैं इतना नीचे गिरूँ क्या मैं तेरे जैसा नही या तेरा मैं वो रुप नही     ….. यूई »

तू सबके दुःख हर जाता है

मुझे ख़ुद की लगी रहती है तुझे सबकी पड़ी रहती है मैं ख़ुद के समेट ना पाता हूँ तू सबके दुःख हर जाता है   ….. यूई »

सबके अन्दर बसता है

मैं सोच ही ना पाता हूँ कैसे तू यह सब करता है सबके अन्दर बसता है सबको ख़ुद में रखता है   ….. यूई »

तुझसे आगे ना सोच पाया

ख़ुद का करके सब देख् लिया ख़ुद का चाह के भी देख् लिया अंत में जब सबको जोड़ पाया पाया तुझसे आगे ना सोच पाया   ….. यूई »

तुझको हर दर पर तो पाता हूँ

नास्तिक सब कह्ते हैं मुझको क्यों ना तेरे दर पे जाता हूँ अब कैसे समझाऊं मैं सबको तुझको हर दर पर तो पाता हूँ   ….. यूई »

सोच की लाज

तूने सोच का जो बीज भरा कुछ तो सोच के होगा भ्ररा उस सोच की लाज रखता हूँ हर कदम सोच के बडता हूँ   ….. यूई »

हर दिन इक जीवन

हर दिन इक जीवन जीता हूँ उसको हाँ पर पूरा जीता हूँ जो भी तूने आज कम दिए उनको पूरा करके मरता हूँ   ….. यूई »

अब तैयारी है

जब से यह एहसास हुआ मेरा है जो सब कुछ यहा वोह असल में तो तेरा है तबसे हलका हो गया हू उड़ने की अब तैयारी है   ….. यूई »

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