Poems

वफ़ा क्यों ढूँढ़ते हो

वफ़ा क्यों ढूँढ़ते हो
गुमी हुई है गुमी रहेगी

उड़ते पंछी लौट आए हैं

उड़ते पंछी लौट आए हैं
शाम ढली लौट आए हैं

…… यूई

दर्द के पंजों में

दर्द के पंजों में
दर्द है

मेरे मन की रज़ा

मेरे मन की रज़ा जो तूँ समझ जाएगा
दिल में मेरे जगह तूँ अपनी बना जाएगा

…… यूई

तूँ अपना जाएगा

मेरी डगर मन से तूँ अपना जाएगा
पा मुझको हर हाल में तूँ जाएगा

…… यूई

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