Poems

कुछ भी नहीं

कुछ भी नहीं

मुक्तक

मुक्तक

तेरे बगैर जिन्दगी बेजान सी रहती है!
तेरी बेवफाई से हैरान सी रहती है!
मेरी राह थक गयी है अब तो इंतजार की,
तेरी चाहत दिल में परेशान सी रहती है!

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

मुक्तक

मुक्तक

तेरी आँखों में झील सी गहरायी है!
तेरी अदाओं में कैद अंगड़ायी है!
जबसे देख लिया है तेरे रुखसार को,
तेरी जिगर में तस्वीर उतर आयी है!

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

saavan ka rang

saavan

मुक्तक

मुक्तक

तेरे बिना मेरी जिन्दगी कटेगी कैसे?
तेरे बिना मेरी तिश्नगी मिटेगी कैसे?
तेरी बेपनाह चाहत है आज भी दिल में,
तेरी आरजू इरादों से हटेगी कैसे?

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

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