Poems

जागो जवान

जागो वीर जवानो,
तुम कहाँ सोये हो

जग की रंग रलियों में,
तुम कहाँ खोये हो

-विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-

आज़ादी

है लक्ष्य हमारा,
पूर्ण मिले आज़ादी

व्यर्थ न जाये भारत के,
वीरों की क़ुरबानी

-विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-

अन्धेरा

अँधेरे में भी रौशनी का एहसास होता है,
जिस पल तू मेरे आस-पास होता है।।
राही (अंजाना)

पैदल

आत्मविश्वास से पैदल चलने में दिक्कत नहीं होती,
संदेह में दौड़ने की आदत नहीं हमें।।
राही (अंजाना)

ज्ञान

ज्ञान से शब्दों के उलझे जाले सुलझाने लगे,
हुआ जब अनुभव तब अर्थ समझाने लगे।।
राही (अंजाना)

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