Poems

वह दौर था .

मोहब्बत  का  वह  दौर  था  ,
दिखता नहीं  कुछ  और  था ..


बस हमारे  प्यार  का  सारे जहां में  शोर  था,
उसने  चुराया  दिल   मेरा ,मन  भी  मेरा  चित  चोर  था ..
आश्ना हम  भी  थे,  आशिकी  उनको  भी  थी ,
अब  जहाँ कुछ  और  है,पहले  यहाँ  कुछ  और  था ..
नाम  होता  था  जुबान  पर  दूसरा  वह  दौर  था, 
एक  ही  आवाज  थी ,हर  शै  में  जो  भर  आई  थी ,
 आज  जो  घुट  सा  रहा  है ,कल  वही  बेजोड़  था ..

   .atr

कर्मयोगी

कर्मयोगी

 

अपने कामुक सुखों को कर दमन ,

अपने गुस्से को दया मेँ कर बदल ,

अपने लालच को दान की राह कर चलन ,

अपने स्वधर्म को अंतर्मन से कर मनन ,

अपने कार्यों को भक्ति भाव से कर भरन ,

ले विजय अब कर्म योग मेँ तूं जन्म I

 

अब उसकी राह पकड़ , निश्काम कर्म की राह तूँ जाएगा ,

हर कर्म कर उसे समर्पण , निष्फल अब तूँ रह पाएगा ,

अपना हर धर्म निभा , फल की चाह छोड़ तूँ पाएगा ,

अब निभा हर कर्म को भी , अकर्मी तूँ रह पाएगा ,

अब सब करके भी, मैं तुझको ना छू पाएगी I

 

कर्मों के बंधन को तोड़ , सब कर्मो को उससे जोड़ ,

ख़ुद मेँ उसका रुप जो पाएगा , फिर ख़ुद का कुछ ना भाएगा ,

उस चेतना को ख़ुद मेँ जगा, बस उसके ही कर्म निभायेगा ,

सब उसका खेल रचाया है , उसकी ही यह माया है ,

वोह निर्धारित कर्तव्यों को, ख़ुद तुझसे ही करवाएगा I                                                                                                

                                                       …… यूई विजय शर्मा

एक मुलाकात की तमन्ना मे

आपकी यादो को अश्कों में मिला कर पीते रहे
एक मुलाकात की तमन्ना मे हम जीते रहे

आप हमारी हकीकत तो बन न सके
ख्वाबों में ही सही हम मगर मिलते रहे

आप से ही चैन ओ सुकून वाबस्ता दिल का
बिन आपके जिंदगी क्या, बस जीते रहे

सावन, सावन सा नहीं इस तनहाई के मौसम में
हम आपको याद करते रहे और बादल बरसते रहे

जब देखा पीछे मुडकर हमने आपकी आस में
एक सूना रास्ता पाया, जिस पर तनहा हम चलते रहे

sign

Meri khwahiseeeeeeeeeeeeee

muje tum jaisa sa hi bnna h
taki tumhe hi chod du,
hste hste…

Behrupiya bna lo na is dil ko,
taki
har kisi k pehchan me na aaye,,

phuloo ki patiyo ki trh
har khushi chutt rhi h
is jeewan se..

Sukun wale pal tumhare sath hi to the

m Dariya hi shi,tum b boond se km nhii..

m Dariya hi shi,tum b boond se km nhii..
baris ki boond c hi ho tum
is dariya ki pyas tumse mil k hi puri hogi..
m to chlti rhugi..behti rhugi
tumse milne ki aas me..
dhund lena muje apne pass me…

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