Poems

kah bhi na pau

kah bhe na pau,
seh bhi na pau,
yeh judayiaan

teri nigahoon pe rakha hun,
mera pharaar hua dil,
kabhi dekha nahin tujhe,
padh yeh aihsaas,
rakha hain tere hi liye

dhere se tu jo meri
jindagi main ayi,
pal bhar main gam khusiyon
main chayi

phir kyun chali gayi tu,
kah pe na pau,
seh bhi na pau,
yeh judayiaan

“ख़ुशी” #2Liner-9

ღღ___अच्छे-बुरे का हिसाब, हम नहीं रखते “साहब”
.
हम तो बस वो करते हैं, जिसमें तुमको ख़ुशी मिले !!…….‪#‎अक्स‬

बाकी सब ले गया मेरा ‘सब कुछ’

कुछ हर्फ़, चंद अहसास और कुछ खारे से मोती
यही सब बचा है मेरे पास,
बाकी सब ले गया मेरा ‘सब कुछ’

तेरी कहानी का तू सिकंदर है।।

जब चारों ओर कीचड़ दिखा, असमंजस तेरे अंदर है।
नादान बला, आईना वो नहीं, तेरी रूह तो कमल सी सुंदर है।।

दिखा हर तरफ एक धुआँ तुझे, कहीं आग लगी भयंकर है।
जग छान लिया, कुछ मिला नहीं, मुई आग वो तेरे अंदर है।।

मत बुझा उसे, वो भड़कने दे, जैसे आग का समुन्दर है।
अपनी ज़िन्दगी बेफिक्र तू लिख, तेरी कहानी का तू सिकंदर है।।

गर हुआ सामना क़ातिल से, और पड़ते दिल पे खंजर हैं।
कोई रोक सके तो रोके ज़रा, तू भी क्या कम बवंडर है !!

अभी तो बचा है बदलाव का बीज बनना है

कोई जमीन अभी भी है जहां मैं अभी तक गया नहीं हूं
कोई आकाश बचा है अभी भी जहां मुझे पहुंचना है
दो परतों के दरम्या मैं ठहरा हआ
अभी तो बचा है बदलाव का बीज बनना…

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