Poems

I’ll run away

One day
I’ll run away
To a place,
Where nobody can find me,
even me.

Away from nostalgia,
aroma of affection and,
water of eyes.
A place hidden in my dreams!

” किया गुनाह क्या “

साँसे चल रही हैँ , बिन उसके..

आने वाला ,  जीने में मज़ा क्या…

चाह लिया उसे , उसकी इजाज़त के बगैर …..

इसमें किया गुनाह क्या ….

मोहब्त हैं उनसे , तभी मांगती हैं  निगाहें दीदार ….

वो ही आकर बताएं …

इसमें क़ुसूर – ए – निग़ाह क्या ..

 

 

पंकजोम ” प्रेम “

” रंग जमा दो “

थोड़ा मायूस हूँ , थोड़ा तन्हा हूँ ..

कोई राह – ए – ख़ुशी बता दो….

ख़ुद की ख़ामोशी देख , ख़ामोश क़ायनात भी दिख रही हैँ …..

कोई मुस्कुराना सीखा दो ….

बे – रंग हो गयी हैं , चेहरे की रौनक ….

कोई ” वाह ” ” वाह ” करके थोड़ा और रंग जमा दो ….

 

पंकजोम ” प्रेम “

सांसे चलती है अभी मगर

सांसे चलती है अभी मगर
धड़कने कुछ थम सी गयी है
जिंदा हूं किसी इंतजार में
इक ख्वाहिश है जिंदा अभी तक
वरना मैं तो कब की मर गयी हूं

“वक़्त तो लगता है !!”

मोहब्बत से नफरत तक आने में, वक़्त तो लगता है;
जागती आँखों को सुलाने में वक़्त तो लगता है!!
.
इतनी जल्दी कहाँ से सीखा, तुमने रक़ीबों-सा हुनर;
अपने महबूब को रुलाने में, वक़्त तो लगता है !!
.
अब ऐसी भी क्या जल्दी थी, हमसे दूर जाने की;
और जा ही चुके हो, तो भुलाने में वक़्त तो लगता है!!
.
हम भी वक़्त दे रहे हैं सबको, आस्तीनों से निकलने का;
अभी तो ख़ुद से रूठे हैं, मनाने में वक़्त तोलगता है!!………‪#‎अक्स‬

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