Poems

मुक्तक

मुक्तक

वक्त जाता है मगर खामोशी नहीं जाती!
तेरे हुस्न की कभी मदहोशी नहीं जाती!
फैली हुई है हरतरफ यादों की ख़ुशबू,
तेरी चाहतों की सरगोशी नहीं जाती!

मुक्तककार-#मिथिलेश_राय

मुक्तक

मुक्तक

तेरे दीदार का बहाना मिल ही जाता है!
तेरी उल्फ़त का तराना मिल ही जाता है!
कभी थकती नहीं नजरें मेरी इंतजार में,
तेरी यादों का नजराना मिल ही जाता है!

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

मुक्तक

मुक्तक

मैं इत्तेफाक से गुनाह कर बैठा हूँ!
तेरे रुखसार पर निगाह कर बैठा हूँ!
शामों-सहर रहता हूँ बेचैन इसकदर,
तेरे लिए जिन्दगी तबाह कर बैठा हूँ!

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

मुक्तक

मुक्तक

मेरा जिस्म है मगर जान तुम्हारी है!
तेरे बिना तन्हा जिन्दगी हमारी है!
दर्द बरक़रार है तेरी जुदाई का,
जाम की मदहोशी मेरी लाचारी है!

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

मुक्तक

मुक्तक

तेरा ख्याल मेरी हद से गुज़र रहा है!
मेरा जिस्म तेरी चाहत से डर रहा है!
खुली हुई हैं सिलवटें ख्वाबों की नजर में,
यादों का सफ़र अश्कों में उतर रहा है!

मुक्तककार-#मिथिलेश_राय

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