भजनों में, पूजन में, हे गणराजा … ! (भक्ति गान )

भजनों में, पूजन में, हे गणराजा … ! (भक्ति गान )

भजनों में, पूजन में, मगन है मन हमरा,
हम और हमरा सबकुछ, हे गणराजा है तुम्हरा……!

जो हमरा है आता, वो तोसे ही आता,
जो हमरा है जाता , वो तोका ही जाता,
हमरा ना यहाँ कुछ भी, बस तू ही इक हमरा,
हम और हमरा सबकुछ, हे गणराजा है तुम्हरा……!

हमरा लगता हम ही करते हैं सारा काम,
काम में भूल जाते हम लेना तोरा नाम,
तोरी कृपा से ही तो, चले काज ये सब हमरा,
हम और हमरा सबकुछ, हे गणराजा, है तुम्हरा……!

तोरी कृपा हो हमपर, तो हमरा है क्या कम,
चरणों में प्रभु तोरे ही रहना चाहें हम,
तोरी ही हो पूजा ये जीवन सब हमरा,
हम और हमरा सबकुछ, हे गणराजा, है तुम्हरा……!

भजनों में पूजन में, मगन है मन हमरा,
हम और हमरा सबकुछ, हे गणराजा, है तुम्हरा……!

” विश्व नन्द “

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Retired Senior Engg Exec. Interest in poetry, songs, music. Composes & sings his own poems/songs as hobby/passion. Plays Harmonium. Location: Pune, Mumbai

4 Comments

  1. Panna - September 5, 2016, 5:29 pm

    nice poem Vijay ji

  2. Sridhar - September 6, 2016, 5:48 am

    Bahut sundar sir

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