मुक्तक

मौत हासिल होती है इंसान के मरने पर!
मिलता है अंधेरा उजालों के गुजरने पर!
क्यों खौफ-ए-नाकामी है हर वक्त जेहन में?
जब दर्द ही रहबर है खुशियों के मुकरने पर!

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

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Lives in Varanasi, India

3 Comments

  1. Neha - May 27, 2018, 9:45 pm

    Very nice sir

  2. राही अंजाना - May 30, 2018, 7:56 am

    Waah

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