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  • Yogi Nishad posted an update in the group Group logo of हिंदी कवितायेंहिंदी कवितायें 7 months, 2 weeks ago

    ग़ज़ल सा कितना सुन्दर है तेरा चेहरा।
    पागल सा बना देता है यौवन तेरा मन मेरा।

    तेरी मुस्कानों का हुँ मै कायल,
    तेरी नयनों का हूँ मै दरस प्यासी।
    तू दिपक बन, मै बनुंगीं बाती ,
    तु राजा और मै हु चरणों की दासी।

    संजल सा कितना मनमोहक है यह सबेरा।
    ग़ज़ल सा कितना सुन्दर है तेरा चेहरा

    नई आश ले आया जीवन मे,
    खुशी उमंग है छाई मन मे।
    सावन संग मन झुम उठा,
    देख, आया बहार अब मौसम मे।

    सफल सा हुआ मेरा जीवन, पा तेरा सहारा।
    ग़ज़ल सा कितना सुन्दर है तेरा चेहरा।

    मै अर्पित हु समर्पित हु सदा तुमको,
    तुम ही हो जीवन की मेरी अरमां
    तुम ही यादों के पलको मे समाये हो,
    तुमको बस चाहता रहु यही है तमन्ना।

    आ तुमको काजल लगा दु लगे न नजरा।
    ग़ज़ल सा कितना सुन्दर हा तेरा चेहरा।

    योगेन्द्र कुमार निषाद
    घरघोड़ा (छ.ग.)