Sonit Bopche

  • तेरा कबतलक मैं इंतजार करता रहूँ?
    तेरी वफा पर मैं ऐतबार करता रहूँ?
    दफ़न हो गयी है अंधेरों में जिन्दगी,
    दर्दे-जुदाई में तुमसे प्यार करता रहूँ?

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • तेरी यादों की तन्हाई से डर जाता हूँ!
    तेरी चाहत की परछाई से डर जाता हूँ!
    टूट गये हैं ख्वाब सभी तेरी रुसवाई से,
    तेरी जुल्फ की अंगड़ाई से डर जाता हूँ!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • अब तो मंजिलों के भी दाम हो गये हैं!
    रिश्ते जिन्दगी के नीलाम हो गये हैं!
    दर्द की लकीरें तैरती हैं अश्कों में,
    अब तो जख्मों के कई नाम हो गये हैं!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • तेरा ख्याल जब कभी मुझको चूमता है!
    हरतरफ फिजाओं में सावन झूमता है!
    कबतलक मैं रोकूँगा प्यास धड़कनों की?
    हर घड़ी दिल में तेरा ख्वाब घूमता है!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • शाम की तन्हाई में खामोशी आ रही है!
    ख्वाबों और ख्यालों की सरगोशी आ रही है!
    मुमकिन नहीं है रोकना यादों के कदमों को,
    दिल में तेरे प्यार की मदहोशी आ रही है!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • इसकदर उलझी है जिन्दगी तकदीरों में!
    हम राह ढूंढते हैं हाथ की लकीरों में!
    इंसान डर रहा है आशियाँ बनाने से,
    बंट गयी हैं बस्तियाँ कौम की जागीरों में!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • तेरे बगैर जिन्दगी बेजान सी रहती है!
    तेरी बेवफाई से हैरान सी रहती है!
    मेरी राह थक गयी है अब तो इंतजार की,
    तेरी चाहत दिल में परेशान सी रहती है!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • तेरी आँखों में झील सी गहरायी है!
    तेरी अदाओं में कैद अंगड़ायी है!
    जबसे देख लिया है तेरे रुखसार को,
    तेरी जिगर में तस्वीर उतर आयी है!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • तेरे बिना मेरी जिन्दगी कटेगी कैसे?
    तेरे बिना मेरी तिश्नगी मिटेगी कैसे?
    तेरी बेपनाह चाहत है आज भी दिल में,
    तेरी आरजू इरादों से हटेगी कैसे?

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • तेरा ख्याल क्यों मुझको आता ही रहता है?
    तेरा ख्याल मुझको तरसाता ही रहता है!
    तेरी याद जुड़ गयी है साँसों की डोर से,
    तेरा प्यार मुझको तड़पाता ही रहता है!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • शामें-गम को तेरे नाम मैं करता हूँ!
    दर्दे-तन्हाई को सलाम मैं करता हूँ!
    शौक अभी जिन्दा है खुद को जलाने का,
    बस यही शामों-सहर काम मैं करता हूँ!

    मुक्तककार-#मिथिलेश_राय

  • कुछ लोग खुद को तेरा दीवाना कहते हैं!
    कुछ लोग खुद को तेरा परवाना कहते हैं!
    कई लोग ढूँढते हैं पैमानों में तुमको,
    तेरी अदाओं को शराबखाना कहते हैं!

    मुक्तककार-#मिथिलेश_राय

  • कुछ लोग खुद को तेरा दीवाना कहते हैं!
    कुछ लोग खुद को तेरा परवाना कहते हैं!
    कई लोग ढूँढते हैं पैमानों में तुमको,
    तेरी अदाओं को शराबखाना कहते हैं!

    मुक्तककार-#मिथिलेश_राय

  • अधूरा सा हूँ मैं तेरे नाम के बिना!
    तड़पाती यादों की सुबह शाम के बिना!
    देखकर जिन्दा हूँ तेरी तस्वीरों को,
    मुझे नींद भी आती नहीं जाम के बिना!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • खुद की तरह जीने का जूनून रखता हूँ!
    दिल में अरमानों का मज़मून रखता हूँ!
    अभी हौसला जिन्दा है पाने का तुमको,
    खुद में तूफानों को मक़नून रखता हूँ!

    मुक्तककार-#मिथिलेश_राय

  • आज भी तेरे लिए हम यार बैठे हैं!
    तेरी चाहत में गिरफ्तार बैठे हैं!
    कोई डर नहीं है जुल्मों के दौर का,
    हर जख्म के लिए हम तैयार बैठे हैं!

    मुक्तककार-#मिथिलेश_राय

  • तेरी तस्वीर को सीने से लगा रखा है!
    तेरी चाहतों को पलकों में सजा रखा है!
    रोकना मुमकिन नहीं है तेरी आरजू को,
    तेरी तमन्ना को साँसों में बसा रखा है!

    रचनाकार-#मिथिलेश_राय

  • कौन है जो दुनिया में नाकाम नहीं होता!
    कौन है जो दुनिया में बदनाम नहीं होता!
    डरता नहीं है बेबसी के खौफ़ से कभी,
    वक्त के बाजारों में नीलाम नहीं होता!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • कौन है जो दुनिया में नाकाम नहीं होता!
    कौन है जो दुनिया में बदनाम नहीं होता!
    डरता नहीं है बेबसी के खौफ़ से कभी,
    वक्त के बाजारों में नीलाम नहीं होता!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • मेरा गम लबों पर तेरा नाम ले आता है!
    मेरी तमन्नाओं का अंजाम ले आता है!
    जब मुझको तड़पाती है सरगोशी यादों की,
    मेरी ख्वाहिशों में नशा-ए-जाम ले आता है!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

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