Shyam Das

  • ✍🌹 गजल 🌹✍
    —–(*)—–

    जग मे कुछ कर जाना जरूरी है
    जीवन मे मुस्कुराना जरूरी है

    चाहे हो कष्ट संकट गहनतम
    धैर्य से निकल जाना जरूरी है

    जग का काम है करना अवरोध
    बुद्धि से पार पा जाना जरूरी है

    हर नेक क […]

  • ✍🌹 गजल 🌹✍
    ——-($)——-

    आओ धरती पे चरण रखो पाथ॔
    संत साधुओ को तारो निस्वार्थ

    बिलखता पल विषाक्त क्षण मे
    विषैले हवाओ को टारो साक्षाथ॔

    छल-बलयुक्त विकृत इस दौर मे
    दिखाओ अपना सच्चा पुरुषार्थ

    ह […]

  • ✍🌹गीत 🌹✍

    प्रणय निवेदन मेरे तू ही प्रीत है।
    तू ही आरजू है तू ही मीत है।।
    रस्मे वफा की कसम
    तेरी याद है इस दिल मे
    सिवा नही कोई मेरे
    चाहत-ए-महफिल मे मेरे ख्वाहिश है तू तू ही गीत है । प्रणय निवेदन मेरे त […]

  • ✍🌹 गजल 🌹✍
    —–($)—–

    सत्य असत्य मे क्या सच्चाई है
    ईमान बेईमान के बीच लड़ाई है

    इंसान का इंसान मे नही विश्वास
    मानव का मानव के बीच खाई है

    परिवेश मे घुला है जहर ही जहर
    वर्तमान के देह मे पीड़ा समाई है […]

  • ✍🌹 गजल 🌹✍
    ——-($)——-

    मेरी जिंदगी का निखार तू है
    मेरी मुस्कान का प्रसार तू है
    तेरी चाहत का मै हूं दिवाना
    मेरी मुहब्बत का आधार तू है
    मेरी कल्पना तमन्ना मेरी तू
    मेरी तबस्सुम का संसार तू है
    मेरी […]

  • 💐 गजल 💐


    तेरी नयन मदभरी गजब
    तेरी अदाएं रसभरी गजब
    मुस्कानो की पहचान नई
    तेरी सदाएं खरी-खरी गजब
    अंगड़ाई मे खिली मोहकता
    तेरी जुबां मे प्रीत भरी गजब
    चाहत मे ढला ईशक नवल है
    तेरी नैनो नजर सरसरी गजब […]

  • 🌹 गजल 🌹

    पाण्डव सा धैर्य धर्म मे संवरिए
    कौरव सा न अधम॔ मे संघरिए
    सांसारिक खुशी चाह के लिखे
    बेईमानी का न दामन धरिए
    सत्य सच्चाई संसार का है सुख
    निज को पहचान खुद निखरिए
    स्वयं की मेहनत मे है भविष्य
    कम॔ […]

  • क्षणिका 🌹:–

    जब गम सताता है,
    गाने मैं गुनगुनाता हूं ।
    जब ददं रुलाता है,
    तराने मैं सजाता हूँ ।।
    (1)
    जब रंज बढ आता है,
    रंगीला मन मै हो जाता हूं ।
    जब जख्म गहराता है,
    मस्ती मगन मै बो जाता हूँ।।
    (2)
    देत […]

  • अटल अविचल धर पग बढ़ नारी
    जीवन मे नव इतिहास गढ़ नारी
    नारी है तू यह सोच न कमतर
    कम॔ कर तू अभिनव हटकर
    तुझसे बंधा है सुख परिवार का
    सव॔ सुख दे सदा तू श्रेयस्कर
    आत्मबल से लक्ष्य पकड़ नारी
    अटल अविचल धर पग बढ नारी […]

  • –:🌹गीत 🌹:-

    सावन का मुग्ध फुहार तू है ।
    बूंदो की रमणीक धार तू है ।।
    कोमल वाणी मे खिली,
    आह! लचक सुरीली ।
    खनकती बोली मे ढली,
    ओह!आवाज सजीली
    सावन झड़ी मस्त बहार तू है ।
    सावन का […]

  • –:🌹गीत 🌹:-

    सावन का मुग्ध फुहार तू है ।
    बूंदो की रमणीक धार तू है ।।
    कोमल वाणी मे खिली,
    आह! लचक सुरीली ।
    खनकती बोली मे ढली,
    ओह!आवाज सजीली
    सावन झड़ी मस्त बहार तू है ।
    सावन का […]