Shivam Singh

  • हँसो, के मैं जहाँ जा रहा, वहां तुम्हारी सोच भी नहीं जाती |
    हँसो, के मेरी आँखें जो सपने संजोए हैं, तुम्हारी देख भी नहीं पाती |
    हँसो, तुम हँसो |
    हँसो, के तुम्हारे यार कई हैं मगर अकेला खड़ा हू मैं |
    हँ […]