Shakun

  • तेरी कभी दिल से ख्वाहिश नहीं जाती!
    तेरे ख्यालों की नुमाइश नहीं जाती!
    जाती नहीं हैं यादें मेरे जिगर से,
    तेरे दर्द की पैदाइश नहीं जाती!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • हम सभी मरते हैं लेकिन जीते नहीं सभी!
    जाम को हाथों में लेकर पीते नहीं सभी!
    हर रोज ढूंढ लेते हैं यादों में दर्द को,
    अपने जिगर के जख्मों को सीते नहीं सभी!

    मुक्तककार – #मिथिलेश_राय

  • इक जिंदगी थी मेरे पास
    जो खो गयी है
    रखता था जिसको बड़े सहेजकर
    मेरी फटी जेब से
    इक दिन अचानक सरक गयी
    बिना आवाज किये
    आज तलक उसको ढूढ रहा हूं
    इक जिंदगी थी मेरे पास

  • हम सभी मरते हैं लेकिन जीते नहीं सभी!
    जाम को हाथों में लेकर पीते नहीं सभी!
    हर रोज ढूंढ लेते हैं यादों में दर्द को,
    अपने जिगर के जख्मों को सीते नहीं सभी!

    मुक्तककार – #मिथिलेश_राय

  • तेरे बगैर आज मैं तन्हाई में हूँ!
    तेरे बगैर दर्द की गहराई में हूँ!
    डूबा हूँ कबसे जाम के पैमाने में,
    मयकशी की झूमती अंगड़ाई में हूँ!

    मुक्तककार – #मिथिलेश_राय

  • तेरे बगैर आज मैं तन्हाई में हूँ!
    तेरे बगैर दर्द की गहराई में हूँ!
    डूबा हूँ कबसे जाम के पैमाने में,
    मयकशी की झूमती अंगड़ाई में हूँ!

    मुक्तककार – #मिथिलेश_राय

  • मेरी तन्हाई में जब भी गुजर होती है!
    मेरे ख्यालों में ख्वाबों की सहर होती है!
    दर्द की कड़ियों से जुड़ जाती है जिन्दगी,
    यादों की दिल में चुभती सी लहर होती है!

    मुक्तककार – #मिथिलेश_राय

  • मेरी तन्हाई में जब भी गुजर होती है!
    मेरे ख्यालों में ख्वाबों की सहर होती है!
    दर्द की कड़ियों से जुड़ जाती है जिन्दगी,
    यादों की दिल में चुभती सी लहर होती है!

    मुक्तककार – #मिथिलेश_राय

  • मेरे गम को मेरा ठिकाना मिल जाता है!
    तेरे ख्यालों का आशियाना मिल जाता है!
    जब दिल को सताती है प्यास तमन्नाओं की,
    मेरी तिश्नगी को मयखाना मिल जाता है!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • हवा सर्दियों की पैगामे-गम ले आती है!
    वक्ते-तन्हाई में तेरा सितम ले आती है!
    तूफान नजर आता है अश्कों में यादों का,
    तेरी चाहत को पलकों में नम ले आती है!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • हवा सर्दियों की पैगामे-गम ले आती है!
    वक्ते-तन्हाई में तेरा सितम ले आती है!
    तूफान नजर आता है अश्कों में यादों का,
    तेरी चाहत को पलकों में नम ले आती है!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • कबतक देखता रहूँ तुमको देखकर?
    कबतक सोचता रहूँ तुमको सोचकर?
    हर साँस गुजरती है मेरे जिस्म की,
    मेरे लबों की राह से दर्द बनकर!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • जीवन की पथरीली राहों पर,
    जब चलते-चलते थक जाऊँ,
    पग भटके और घबराऊँ मैं,
    तब करुणामयी माँ के आँचल सा स्पर्श देना,
    ऐ ईश मेरे ।

    जब निराश हो,
    किसी मोड़ पर रूक जाऊँ,
    हताश हो, कुण्ठाओं के जाल से,
    न निकल पाऊँ […]

  • कभी तो किसी शाम को घर चले आओ!
    कभी तो दर्द से बेखबर चले आओ!
    रात गुजरती है मयखाने में तेरी,
    राहे-बेखुदी से मुड़कर चले आओ!

    मुक्तककार – #मिथिलेश_राय
    #मात्रा_भार_22

  • मेरा हरेक आलम ख्वाब तेरा लगता है!
    तेरा ख्याल सर्दियों में धूप सा जलता है!
    जब भी सताती हैं सरगोशियाँ इरादों की,
    नींद के आगोश में दर्द तेरा चलता है!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • होते ही सुबह तेरी तस्वीर से मिलता हूँ!
    तेरी तमन्नाओं की जागीर से मिलता हूँ!
    नजरों को घेर लेता है यादों का समन्दर,
    चाहत की बिखरी हुई तकदीर से मिलता हूँ!

    मुक्तककार – #मिथिलेश_राय

  • तेरी याद में तन्हा होकर रह जाता हूँ!
    तेरी याद में तन्हा रोकर रह जाता हूँ!
    जब भी तीर चुभते हैं तेरी रुसवाई के,
    जाम के पैमानों में खोकर रह जाता हूँ!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • तेरी याद में तन्हा होकर रह जाता हूँ!
    तेरी याद में तन्हा रोकर रह जाता हूँ!
    जब भी तीर चुभते हैं तेरी रुसवाई के,
    जाम के पैमानों में खोकर रह जाता हूँ!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • Ritu Soni posted an update 2 weeks, 2 days ago

  • यादों की राह में सवाल आ जाता है!
    तेरी रुसवाई का ख्याल आ जाता है!
    जब भी ख्वाब आते हैं मेरी आँखों में,
    तेरी जुदाई का मलाल आ जाता है!

    मुक्तककार – #मिथिलेश_राय

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