सीमा राठी

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  • Profile picture of Mithilesh Rai
    Mithilesh Rai - "टूटते ख्वाबों के फसाने हैं बहुत! जिन्दगी में गम के बहाने हैं बहुत! बस तू ही खफा नहीं है अंजाम से, शमा-ए-चाहत के परवाने हैं बहुत! मुक्तककार – #मिथिलेश_राय"View
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  • Profile picture of ओमप्रकाश चंदेल
    active 3 days, 20 hours ago
  • Profile picture of Nitesh Chaurasia
    active 5 days, 3 hours ago
  • Profile picture of Kumar Bunty
    active 1 week ago
  • Shakun Saxena - "कभी यूँ भी आ मेरे ख़्वाबों में के मुझे खबर ही न हो, मैं सोता रहूँ रात भर और सहर ही न हो। कभी दिन की कड़ी धूम कभी साँझ की छाया में बैठा रहूँ, तू किसी साये सी मेरे साथ रहे और मेरा इंतज़ार खत्म न हो। तू छुप […]"View
    active 1 week, 1 day ago
  • active 1 week, 2 days ago
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  • Profile picture of Chavi Jain
    active 2 weeks, 5 days ago
  • Profile picture of Anirudh sethi
    Anirudh sethi - "दिलो के गम छुपाये नहीं छुपते कभी अश्कों में, कभी लफ़्जों में निकल आते है वक्त बे वक्त और छोड़ जाते है निशानी खारी खारी सी, काली नीली सी"View
    active 3 weeks, 4 days ago
  • Profile picture of Ritu Soni
    Ritu Soni - "@panna http://saavan.in/?p=17053 Please like my poem"View
    active 3 weeks, 4 days ago
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  • Profile picture of Dev Kumar
    active 3 weeks, 5 days ago
  • Profile picture of Sukhbir Singh
    Sukhbir Singh - "जब अपनों ने ही लूट लिया क्या शिकवा करूँ मैं ओरो पर। बाहर से प्यार जताते थे अंदर से नफ़रत जोरों पर। अरे मिल कर बात सुलझा लेते ना आती दरार इन रिश्तों पर। अरे कौन सी दुश्मनी निकालते हो सच बताओं तुम इन किश्तों पर।"View
    active 1 month, 1 week ago
  • randhir_rsk - "कई ख्वाब बुने थे रात को जब सोया था। सुबह आँख खुली तो हक़ीक़त कुछ और थी।"View
    active 1 month, 2 weeks ago
  • Profile picture of Ramesh Singh
    active 1 month, 3 weeks ago
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    active 2 months ago
  • Manisha Nema - "..मेरे पापा.. अम्बर नीला है, मेरे कदमों के नीचे का फर्श गीला है; पर मुझे क्या गिला है, मुझे तो मेरे पापा का साथ मिला है !!!! ……..सर के ऊपर छत रखी, ……..और छत पर आसमान; ……..बाहें फैला कर उड़ जाऊं मैं […]"View
    active 2 months ago
  • Pankaj Garg - "हाँ माँ तेरी बहुत याद आती है जब सिलवट भरी चादर पेशानी पर बिछ जाती है देख बेजारी दुनिया की आँखें भी मिच जाती है एक दबी सी चीख होठों के अंदर ही भिच जाती है आँखों से गालों पर आंसू की रेखाएं खिंच जाती है हाँ […]"View
    active 2 months, 1 week ago
  • Profile picture of Sonit Bopche
    Sonit Bopche - "@ajay Badhai ho Ajay ji. 😀"View
    active 2 months, 1 week ago
  • MaN(मन) - "Aap Mujhe Instagram pr Follow Kr Skte Hai @OfficialMaN4U"View
    active 2 months, 1 week ago