Satyen Bhandari

  • मैं भी देश के सम्मान को सबसे ऊपर समझता हूँ
    तो क्या हुआ कि साहित्यकारों की निंदा पर जुदा राय रखता हूँ
    अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हूँ पक्षधर
    स्त्री-सम्मान को रखता हूँ सबसे ऊपर
    मैं नहीं मानता उन्हें माओवादी
    नाइंसाफ […]