Rohit

  • Rohit wrote a new post, आवाज़ 1 month ago

    हिल रही उन्माद में,
    ये धरती आज है,
    हो चली है आंख,
    बनके अब आवाज है,
    कारवों पे कारवा
    कर रहा आगाज है ।