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  • Rahasya deoria posted an update 9 months ago

    उनसे गुफतगू ना हो “रहस्य “देवरिया

    ऐ खुदा काश कि अब से वो रूबरू ना हो ,
    ख्वाबों में भी अब उससे गुफतगू ना हो ]

    कम्बख्त झूठे सपने देखना कौन चाहता है,
    वो रात ही ना हो जिसमें निंद पूरी ना हो ]

    याद ना करू ये तो तेरी दिली ख्वाहिश थी,
    ना आ सामने कही ये हसरत पूरी ना हो ]

    ऐ खुदा काश कि अब से वो रूबरू ना हो %

    ” रहस्य “देवरिया