Rahasya deoria

  • इस कदर मुस्कूरा की ऑखों में आंसू दिखाई ना दे,
    ऐ वक्त! तू अब मेरी वफा मेरी मोहब्बत की गवाही ना दे l
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    दिखा दिया है उसने अपनी ज़फाओं का आलम,
    चल अब छोड़ तू मेरे दर्द पर दुहाई […]

  • जब तेरे शहर की गलियों से गुजरता हूँ,
    तेरी बेवफाई तेरी जफा को याद करता हूँ l
     
     
    क्या खूब की थी तूने बेवफाई मेरे साथ,
    आज तेरे हर ख्वाब से भी डरता हूँ l
     
     
    कैसे मिटाये बैठा हूँ मै खुद को क्या कहूं,
    आज तेरी हर […]

  • Rahasya deoria became a registered member 1 year, 10 months ago