Raj Soni,"Rahasy"

  • हंसकर अपने दर्द छुपाने की कारिगरी मसहूर थी मेरी ।
    चाहकर भी कभी रो ना सकी आंखे सजबूर थी मेरी ।।

    सजती रही महेफिले बेशक ही अब औरो की शाम मे ।
    हां मगर ये भी तो सच है वो शमा कभी जरूर थी मेरी ।। […]

  • नमस्कार दोस्तों आप सब देख रहे हैं आज कल बच्चियों के साथ कुछ बहेशी दरिन्दे जो कर रहे हैं दो शब्द आज लिखने पर मजबूर हो गया

    ऐसे कुकर्म करते जरा भी शर्म क्या तुझे नहीं आई।
    उसे देख तुझे अपनी बेटी याद क्या […]

  • Dosto गोरखपुर में हो रहे मासूम बच्चों की मौत बहुत ही दूखद हैं मेरे चार शब्द उन बच्चों नाम (( plz god sef the all children’s ))

    एक एक कर जिन्दगीया निगलती जा रही हैं ये ,
    एक अनसुलझी पहेली बनती जा रही हैं य […]

  • माँ महेंगे होटलो मे भी (“रहस्य”)

    तेरी हाथों कि वो दो रोटियाॅ कहीं और बिकती नहीं
    माँ महँगे होटलों में भी खाने से भूख मिटती नही
    “”””””””””
    “”””””””””
    गरमाहट बहुत मिलती थी तेरी ऑचल कि ऑड मे मुझे
    अ […]

  • Happy mother day मेरे तरफ से एक छोटी सी कोशिश उम्मीद करता हूँ सबको पसंद आएगा
    €€€€€€€€€€€€€
    ऐसी बेबसी भरी जिन्दगी देने की वजहा बता देता,
    ऐसा क्या किये थे तू मुझे मेरी […]

  • एक और मासूम की जिन्दगी (“रहस्य”)
    😐😐😐😐😐😐
    दौलत की चाहने रिश्तों के धागे को तार तार कर दिया हैं,
    एक और मासूम की जिन्दगी को मरने पर लाचार कर दिया हैं,,
    😌😌😌😌😌😌
    पापा सब दिया आपने इन्हें मेरी सूख खूशीओ की खातीर, […]

  • मुर्दों को उठाने चलें है ” रहस्य “देवरिया

    अफ़सोस की हम सबको जगाने चलें है ,
    हाँ ये सच है की मुर्दों को उठाने चलें है,,

    हर हिन्दू मस्त है अपनें मे जमाने से बेखबर ,
    उनको आनें वाली सच्चाई अब दिखाने चलें है […]

  • जिस्म को मेरे जलाये होंगे “रहस्य”देवरिया

    दर्द कितने खुद में हमने छुपाये होंगे ,
    तूने जब दिल को मेरे जलाया होगा ,

    ये रूह मायूस बेबस होकर तूझ से ,
    जब तन्हाई में खुद को छुपाया होगा ,

    मेरा साया […]

  • जिस्म को मेरे जलाये होंगे “रहस्य”देवरिया

    दर्द कितने खुद में हमने छुपाये होंगे ,
    तूने जब दिल को मेरे जलाया होगा ,

    ये रूह मायूस बेबस होकर तूझ से ,
    जब तन्हाई में खुद को छुपाया होगा ,

    मेरा साया […]

  • उनसे गुफतगू ना हो “रहस्य “देवरिया

    ऐ खुदा काश कि अब से वो रूबरू ना हो ,
    ख्वाबों में भी अब उससे गुफतगू ना हो ]

    कम्बख्त झूठे सपने देखना कौन चाहता है,
    वो रात ही ना हो जिसमें निंद पूरी ना हो ]

    याद ना कर […]

  • Raj Soni,"Rahasy" posted an update 5 months ago

    उनसे गुफतगू ना हो “रहस्य “देवरिया

    ऐ खुदा काश कि अब से वो रूबरू ना हो ,
    ख्वाबों में भी अब उससे गुफतगू ना हो ]

    कम्बख्त झूठे सपने देखना कौन चाहता है,
    वो रात ही ना हो जिसमें निंद पूरी ना हो ]

    याद ना करू ये तो तेरी दिली ख्वाहिश थी,
    ना आ सामने कही ये हसरत पूरी ना हो ]

    ऐ खुदा काश कि अब से वो रूबरू ना हो %

    ” रहस्य “देवरिया

  • इस कदर मुस्कूरा की ऑखों में आंसू दिखाई ना दे,
    ऐ वक्त! तू अब मेरी वफा मेरी मोहब्बत की गवाही ना दे l
    :::::::::::::::
    :::::::::::::::
    दिखा दिया है उसने अपनी ज़फाओं का आलम,
    चल अब छोड़ तू मेरे दर्द पर दुहाई […]

  • जब तेरे शहर की गलियों से गुजरता हूँ,
    तेरी बेवफाई तेरी जफा को याद करता हूँ l
     
     
    क्या खूब की थी तूने बेवफाई मेरे साथ,
    आज तेरे हर ख्वाब से भी डरता हूँ l
     
     
    कैसे मिटाये बैठा हूँ मै खुद को क्या कहूं,
    आज तेरी हर […]

  • Raj Soni,"Rahasy" became a registered member 1 year, 4 months ago