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  • Rajnandini Rawat posted an update 2 weeks, 1 day ago

    कहां गए वो गली के बच्चे
    कोई ढूंढे उन्हें,
    खो गए हैं वो
    कहीं उस भीड़ में ।

    बन्द कमरो में बैठे
    रट रहे हैं किताबें,
    खो कर अपनी रचनात्मकता ।

    दबे जा रहे हैं
    किताबों के बोझ तले,
    खो कर अपना अल्हड़ बचपन ।

    कोई बताये उन्हें
    कि इक खेल भी होता है
    धरती भाटे का,
    सैर-सपाटे का,
    छुपन छुपाई का ।

    कोई बतायें,
    कोई सुनाये उन्हें, कि
    बचपन हर गम से अनजाना होता हैं ।

    कोई समझाए इन्हें
    कि गली के वो बच्चे,
    फिर मिल जायें
    बारिश के पानी में कागज़ की नाव चलाते हुए ।

    दौड़ कर भागते हुए,
    गुनगुनाते हुए ।
    परियो की कहानियों में खो जाते हुए ।

    शायद फ़िर मिल जाए वो बचपन
    जो समझदारी के चंगुल में फ़ँसा है ।

    शायद उन्हें देख,
    हम फिर गुनगुना सकें, कि
    बचपन हर ग़म से अनजाना होता हैं ।