Parul

  • जब मेरी तेरी बात हो, लब्ज़ों को आराम हो
    बस आँखों ही आँखों में,अपनी दुआ सलाम हो

    कभी दूर से देख के मुझको, मन ही मन मुस्काती है,
    और बुलाती पास मुझे, पलकों के परदे सरकाती है
    जैसे हर निमिष के संग, ढली सुबह से […]