Panna

  • मैं करता हूँ तुमसे मोहब्बत,
    अब खुद को सताना बंद करो !
    देता हूँ खूने ए दिल तुम्हे,
    हाथों में मेहंदी रचाना बंद करो !!
    जो हुये हैं गीले सिकवे ,
    उनका इल्जाम लगाना बंद करो !
    मुझसे बात करने […]

  • इन नजरों से देखो प्रियवर
    पार क्षितिज के एक मिलन है
    धरा गगन का प्यार भरा इक
    मनमोहक सा आलिंगन है….

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  • बच्चे हम फूटपाथ के,

    दो रोटी के वास्ते,

    ईटे -पत्थर  तलाशते,

    तन उघरा मन  बिखरा है,

    बचपन  अपना   उजड़ा है,

    खेल-खिलौने हैं हमसे दूर,

    भोला-भाला  बचपन अपना,

    मेहनत-मजदूरी करने को है मजबूर

    मिठई […]

  • यूँ तो हर रोज गुजर जाते हैं कितने ही लोग करीब से,
    पर नज़र ही नहीँ मिलाते कोई इस बचपन गरीब से,
    रखते हैं ढककर वो जो पुतले भी अपनी दुकानों में,
    वो देखकर भी नहीं उढ़ाते एक कतरन भी किसी गरीब पे,
    बचाते तो अक्सर दिख […]

  • गरीबी है कोई तो बिस्तर तलाश करो,
    रास्तों पर बचपन है कोई घर तलाश करो,
    कचरे में गुजर रही है ज़िन्दगी हमारी,
    कोई तो दो रोटी का ज़रिया तलाश करो,
    यूँ तो बहुत हैं इस ज़मी पर बाशिन्दे,
    मगर इस भीड़ में कोई अपनों का च […]

  • दे कर मिट्टी के खिलौने मेरे हाथ में मुझे बहकाओ न तुम,

    मैं शतरंज का खिलाड़ी हूँ सुनो, मुझे सांप सीढ़ी में उलझाओ न तुम,

    जानता हूँ बड़ा मुश्किल है यहाँ तेरे शहर में अपने पैर जमाना,

    मगर मैं भी ज़िद्दी “राही” हूँ मुझ […]

  • मेरे घर में भी मुझे  पहचानने वाला बस एक शक्स हमेशा रहता है।
    जब मैं देखूं उसे  वो भी  आईने से  मुझे  बस देखता रहता है।
     
    यहां इस खु़शहाली में अमीरों को नींद बस ठंडी हवा में आती है
    लेकिन गरीब यहां का  जीवन-भ […]

  • God makes us cry

    So that we can realize

    The value of smile..,

  • Best food= Thoughts
    Best teacher= Experience
    Best dress= Smile
    Best hobby= Service (surplus time)
    Best medicine= Laughter
    Best sport= Duty
    Best lesson= Patience
    Best book= Life
    Best student= Attempt
    Best relation= Love

  • किसी आयत की तरह रात दिन गुनगुनाता रहा हूँ तुझे,
    सबकी नज़रो से बचाकर अपनी पलकों में छिपाता रहा हूँ तुझे,
    मेरे हर सवाल का जबाब तू ही है मगर,
    फिर भी एक उलझे सवाल सा सुलझाता रहा हूँ तुझे,
    यूँ तो बसी है तू मेरी दि […]

  • गुजरता रहा उसकी आँखों से हर रात किसी भरम सा मैं,
    फिर एक रोज़ खुद ब खुद उसके ख्वाबों से बाहर निकल आया मैं,
    छुप कर बैठा रहा मैं एक झूठ की आड़ में बरसों,
    फिर एक रोज किसी सच्ची ज़ुबान सा बाहर निकल आया मैं,
    ईमारत […]

  • है मुझे एक मर्ज़
    लेकिन मुझे खौफ नहीं
    क्योंकि है वो मर्ज़
    बेखौफी का ही।

  • जिंदगी से मुझे इतना कुछ मिला है
    इस बात पे मैं कितना खुश हो लूँ
    एक झटके में सबकुछ छूट जाना है
    तो क्या इस बात के वास्ते अभी से रो लूँ।

  •  मंजिल का नज़ारा तो अपनी पालकों तले कम ही बीता है।
    हमारा ज्यादा वक़्त तो बस  सफर के बहाने ही  बीता है।
     
    किसीके  दिल  में  किसीके  खातिर  प्यार  है  कितना
    इस  उंचाई  को  नापने  खातिर  कहां  कोई  फीता है।
     
    वक़् […]

  • Pal bhar ka hi tha kya saath,
    Tum ayi aur chali gayi,
    Hum toh chain se tumhe dekhna chahte the,
    Etni bhi na samjhi  tu pagli.

    Etni jaldi thi ki apne balon na sawar kar,
    Mera tiffin pack karne lag gayi tu,
    Der […]

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