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    इसे बेनाम ही रहने दो, कोई नाम न दो

    वर्ना बेवजह दिल में कई सवाल उठेंगें

    उन सवालों का जबाव हमारे पास नहीं

    सिर्फ़ अहसास है हमारे पास,

    जो लफ़्जों में ढलते ही नहीं

    लफ्जों के सहारे दिल कुछ हल्का कर लेते है

    गमों के घूंट, एक-दो पी लेते है

    वर्ना इस दुनिया मे रखा ही क्या है

    कुछ रखने को आखिर, बचा ही क्या है

    इन अश्कों को ही आंखो में बचा के रखा है

    कभी तुम मिल जाओगे इन्हे भी खर्च देंगें हम

    मिल जाओ तुम अगर, लुट जाऐगें हम

    मगर शायद लुट जाना हमारी किस्मत में नहीं

    चंद कदमों का फ़ासला है, मगर पांव चलते ही नहीं

    कई कारवां इसी फासले से गुजर जाऐगें

    हम तो है यहीं, यहीं रह जाऐगें

    बस अहसास हमारे, शायद तुम तक पहुंच जाऐगें

    इन अहसासों के फासलों को अब मिट जाने दो

    इसे बेनाम ही रहने दो, कोई नाम न दो

    पछताओगे तुम, रुसवाईयां करोगे