Mithilesh Rai

  • कभी जिन्दगी खुशी का पैगाम देती है!
    कभी जिन्दगी ख्वाबों का सलाम देती है!
    रस्म की जंजीरें हैं राहों में हरतरफ,
    ख्वाहिशों को जख्मों का ईनाम देती है!

    मुक्तककार- #महादेव’ (24)