Mithilesh Rai

  • धन्यवाद आदरणीय

  • तेरी याद कभी कभी मुस्कान देती है!
    चाहत की निगाहों में तूफान देती है!
    टूटे हुए इरादे भी जुड़ जाते हैं सभी,
    जिन्द़गी को ख्वाबों का जहाँन देती है!

    #महादेव_की_कविताऐं’

  • आज भी तेरी हर बात का असर है!
    आज भी तेरी मुलाकात का असर है!
    नींद भी आती नहीं यादों की चोट से,
    आज भी तेरी हर रात का असर है!

    #महादेव_की_कविताऐं’

  • तेरी सूरत के अभी दिवाने बहुत से हैं!
    तेरी अदा के अभी अफसाने बहुत से हैं!
    तस्वीरे-अंजाम को मिटाऊँ किसतरह?
    जख्मों के निशान अभी पुराने बहुत से हैं!

    #महादेव_की_कविताऐं'(25)

  • तेरे बगैर मेरी तन्हा रात हुआ करती है!
    दर्द और तन्हाई से बात हुआ करती है!
    बेचैनी तड़पाती है चाहत की महादेव,
    आँखों से अश्कों की बरसात हुआ करती है!

    #महादेव_की_कविताऐं'(26)

  • तेरी यादों की लहर मुझको तरसाती है!
    तेरी चाहत की चुभन मुझको तड़पाती है!
    तेरा ख्याल मुझको रुलाता है महादेव,
    रातभर तेरी तमन्ना मुझको जलाती है!

    #महादेव_की_कविताऐं’

  • तेरी यादों की लहर मुझको तरसाती है!
    तेरी चाहत की चुभन मुझको तड़पाती है!
    तेरा ख्याल मुझको रुलाता है महादेव,
    रातभर तेरी तमन्ना मुझको जलाती है!

    #महादेव_की_कविताऐं’

  • सोचता हूँ तेरा मैं इरादा छोड़ दूँ!
    सोचता हूँ मंजिलों का वादा तोड़ दूँ!
    कबतलक देखूँ अदाओं को महादेव?
    हुस्न की निगाहों का इशारा मोड़ दूँ!

    #महादेव_की_कविताऐं’

  • धन्यवाद

  • मैंने काश अगर तुमको पहचाना होता!
    मेरी भी जिन्दगी में मुस्कुराना होता!
    बेबसी न होती तन्हाई की महादेव,
    मेरा कभी मयखानों में न जाना होता!

    #महादेव_की_कविताऐं (24)

  • आपके आ जाने से फिर बहार आ गयी है!
    हरतरफ तेरी खुशबू खुशगवार आ गयी है!
    आलम भी वीरान था इरादों का महादेव,
    मेरी जिन्दगी फिर से एक बार आ गयी है!

    #महादेव_की_कविताऐं

  • मैंने जिन्दगी को तेरे नाम कर दी है!
    तेरी आरजू को सारेआम कर दी है!
    कोई डर नहीं है अंजाम का महादेव,
    हर जंग जमाने से खुलेआम कर दी है!

    #महादेव_की_कविताऐं

  • होते ही सहर मुझको खामोशी घेरती है!
    तेरे प्यार की मुझको मदहोशी घेरती है!
    मुमकिन नहीं है रोकना ख्यालों को महादेव,
    तेरे दर्द की मुझको सरगोशी घेरती है!

    #महादेव_की_कविताऐं’ (26)

  • होते ही सहर मुझको खामोशी घेरती है!
    तेरे प्यार की मुझको मदहोशी घेरती है!
    मुमकिन नहीं है रोकना ख्यालों को महादेव,
    तेरे दर्द की मुझको सरगोशी घेरती है!

    #महादेव_की_कविताऐं’ (26)

  • मुझे जब तेरा रुख़सार याद आता है!
    वक्त का ख्याले-बेकरार याद आता है!
    दर्द से बिखरी हुयी सी हसरतें महादेव,
    मुझे हर पल का इंतजार याद आता है!

    मुक्तककार- #महादेव’

  • धन्यवाद

  • धन्यवाद

  • धन्यवाद

  • तेरी तम़न्ना ही मेरी हमराह है!
    मेरी मंजिल भटकी हुयी सी राह है!
    किसतरह चाहत को मिटाऊँ महादेव?
    तेरी आरजू ही बन गयी गुनाह है!

    मुक्तककार- #महादेव’

  • Load More