Mithilesh Rai

  • शुक्रिया

  • कौन है जो दुनिया में नाकाम नहीं होता!
    कौन है जो दुनिया में बदनाम नहीं होता!
    डरता नहीं है बेबसी के खौफ़ से कभी,
    वक्त के बाजारों में नीलाम नहीं होता!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • मेरा गम लबों पर तेरा नाम ले आता है!
    मेरी तमन्नाओं का अंजाम ले आता है!
    जब मुझको तड़पाती है सरगोशी यादों की,
    मेरी ख्वाहिशों में नशा-ए-जाम ले आता है!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • जख्मों को भूल जाऊँ दिलशाद करूँ कैसे?
    तेरे गम से खुद को आजाद करूँ कैसे?
    तेरे बगैर कोई एह्सास नहीं मुझको,
    चाहत की दस्तक को बर्बाद करूँ कैसे?

    मुक्तककार-#मिथिलेश_राय

  • मुझे गुजरा हुआ ज़माना याद आता है!
    मुझे गुजरा हुआ अफसाना याद आता है!
    वो ख्वाहिशों की रूह से लिपटी हुयी रातें,
    मुझे तेरा क़रीब आना याद आता है!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • क्यों सामने हो तुम मगर दूरी बरकरार है?
    दरमियाँ रिवाजों की मजबूरी बरकरार है!
    बेखौफ़ तमन्नाऐं घेर लेती हैं मुझको,
    तेरी आरजू दिल में अधूरी बरकरार है!

    मुक्तककार-#मिथिलेश_राय

  • गमों को दिल में छुपाना आसान नहीं है!
    शमा यादों की बुझाना आसान नहीं है!
    जब भी छूट जाते हैं हमसफर राहों में,
    अकेले लौट कर आना आसान नहीं है!

    मुक्तककार-#मिथिलेश_राय

  • तुमको किसी से कभी तो प्यार होगा!
    जिन्दगी का हर-पल बेकरार होगा!
    घेर लेगी दिल को जब भी तन्हाई,
    तुमको हमसफर का इंतजार होगा!

    मुक्तककार-#मिथिलेश_राय
    (#मात्राभार_21)

  • तेरी आरजू से मुँह मोड़ नहीं पाता हूँ!
    तेरी तमन्नाओं को छोड़ नहीं पाता हूँ!
    यादों में ढूंढ लेता हूँ तस्वीरें तेरी,
    तेरे प्यार से रिश्ता तोड़ नहीं पाता हूँ!

    मुक्तककार-#मिथिलेश_राय
    (#मात्राभार_25)

  • तेरी यादों की जब भी आहट होती है!
    दिल में जैसे कोई घबराहट होती है!
    साँसों की रफ्तार बढ़ जाती है जिस्म में,
    धड़कन में चाहत की गर्माहट होती है!

    मुक्तककार-#मिथिलेश_राय
    (#मात्राभार_24)

  • जो आती है लबों पर बात तुम वही तो हो!
    जो तड़पाती है मुलाकात तुम वही तो हो!
    ठहरी हुई है आग अभी चाहत की दिल में,
    जो जागी हुई है हर रात तुम वही तो हो!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
    (#मात्रा_भार_25)

  • तुमसे मुलाकात कभी जो हो जाती है!
    जैसे दिल में अंगड़ाई रो जाती है!
    मयकदों में ढूंढता हूँ यादों के निशां,
    मेरी नींद पैमानों में खो जाती है!

    रचनाकार-#मिथिलेश_राय
    (#मात्रा_भार_23)

  • तेरे बगैर तन्हा जमाने में रह गया हूँ!
    तेरी यादों के आशियाने में रह गया हूँ!
    हरवक्त तड़पाती है मुझे तेरी बेरुख़ी,
    तेरे ख्यालों के तहखाने में रह गया हूँ!

    मुक्तककार-#मिथिलेश_राय

  • आरजू तेरी बुला रही है मुझे!
    याद भी तुमसे मिला रही है मुझे!
    किसतरह मैं रोकूँ दिल की तड़प को?
    आग चाहत की जला रही है मुझे!

    मुक्तककार-#मिथिलेश_राय

  • आओ फिर से एक बार नादानी हम करें!
    नजरों में तिश्नगी की रवानी हम करें!
    जागी हुई है दिल में चाहत की गुदगुदी,
    आओ फिर से जख्मों की कहानी हम करें!

    मुक्तककार-#मिथिलेश_राय

  • मुझको तेरी याद अभी फिर आयी है!
    चाहत की फरियाद अभी फिर आयी है!
    मुझको ढूंढ रही है तन्हाई फिर से,
    तस्वीरे-बरबाद अभी फिर आयी है!

    मुक्तककार-#मिथिलेश_राय

  • तुम देखकर भी मुझको ठहरते नहीं हो!
    तुम सामने मेरे कभी रहते नहीं हो!
    बेचैनियों का शोर है ख्यालों में मगर,
    तुम अपनी जुबां से कभी कहते नहीं हो!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • तेरे लिए हम तन्हा होते चले गये!
    तेरे लिए हम खुद को खोते चले गये!
    पास जब भी आयी है यादों की चुभन,
    तेरी ही चाहत में रोते चले गये!

    #महादेव_की_मुक्तक_रचनाऐं’

  • तेरा नाम कागज पर बार-बार लिखता हूँ!
    तेरे प्यार को दिल में बेशुमार लिखता हूँ!
    टूटेगा न सिलसिला तेरी तमन्नाओं का,
    तेरे ख्यालों पर गमें-बेकरार लिखता हूँ!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

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