Mithilesh Rai

  • दर्द तेरा कायम है याद भी आ जाती है!
    #शाम_ए_तन्हाई में बेइन्तहाँ सताती है!
    हंसने की जब भी तमन्ना होती है दिल में,
    ख्वाबों की चुभन से मेरी आँख भर आती है!

    मुक्तककार-#मिथिलेश_राय

  • जब भी ख्यालों में यादों की लहर आती है!
    #दर्द की बेचैनी में रात गुजर जाती है!
    अश्कों में घुल जाता है ख्वाबों का आशियाँ,
    मेरी जिन्दगी को तन्हाई तड़पाती है!

    मुक्तककार-#मिथिलेश_राय

  • मेरा ख्याल तेरी यादों से डर जाता है!
    मेरे दर्द को दिल में गहरा कर जाता है!
    जब भी करीब आती हैं बारिशों की बूँदें,
    मौसम चाहतों का अश्कों से भर जाता है!

    मुक्तककार-#मिथिलेश_राय

  • तुम मेरी चाहतों में हरवक्त बेशुमार हो!
    तुम मेरी धड़कनों में आ जाते हर बार हो!
    अब मुश्किल बहुत है रोकना तेरे सुरूर को,
    तुम मेरी निगाहों में ठहरा हुआ खुमार हो!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • कबतक तेरी याद में तड़पता मैं रहूँ?
    कबतक तेरी चाह में तरसता मैं रहूँ?
    डूबा हूँ मैं कबसे पैमानों में मगर,
    कबतक तेरे दर्द से गुजरता मैं रहूँ?

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • मेरी नजर के सामने साकी रहने दो!
    हाथों में अभी जाम को बाकी रहने दो!
    धधक रही हैं तस्वीरें यादों की दिल में,
    अश्कों में अभी दर्द की झांकी रहने दो!

    महादेव की कविताऐं’ (मात्रा भार 24)

  • तेरी दिल में ख्वाहिश आ ही जाती है!
    जख्मों की फरमाइश आ ही जाती है!
    आवाज गूँजती है जब भी यादों की,
    हर ख्वाब की नुमाइश आ ही जाती है!

    #महादेव_की_कविताऐं’

  • तेरी दिल मे ख्वाहिश आ ही जाती है!
    जख्मों की फरमाइश आ ही जाती है!
    आवाज गूँजती है यादों की जब भी,
    हर ख्वाब की नुमाइश आ ही जाती है!

    #महादेव_की_कविताऐं’

  • धन्यवाद

  • धन्यवाद

  • धन्यवाद

  • धन्यवाद

  • हर शाम चाहतों की आहट सी होती है!
    हर शाम जिगर में घबराहट सी होती है!
    जब रंग तड़पाता है तेरी अदाओं का,
    मेरी साँसों में गर्माहट सी होती है!

    मुक्तककार- #महादेव’

  • हर शख्स निगाहों में प्यार लिए रहता है!
    हर वक्त जेहन में खुमार लिए रहता है!
    जब कभी रुक जाती है राह मंजिलों की,
    दर्द का जिगर में बाजार लिए रहता है!

    मुक्तककार- #महादेव'(23)

  • जब भी यादों की तस्वीर नजर आती है!
    तेरे ख्यालों की जागीर नजर आती है!
    मैं जब भी ढूँढता हूँ जिन्दगी की राहें,
    तेरी बाँहों में तकदीर नजर आती है!

    महादेव की कविताऐं’

  • मुझको तेरी जुदाई मार डालेगी!
    मुझको गमे-तन्हाई मार डालेगी!
    कबतलक जी पाऊँगा तन्हा इसतरह?
    मुझको गमे-रुसवाई मार डालेगी!

    मुक्तककार- #महादेव’

  • तेरे लिए मैं तन्हा होता जा रहा हूँ!
    तेरे लिए मैं खुद को खोता जा रहा हूँ!
    अश्कों में मिल गयी हैं यादों की लहरें,
    तेरे लिए मैं तन्हा रोता जा रहा हूँ!

    मुक्तककार- #महादेव’

  • हुई है शाम मगर रात को होने दो!
    अपनी तन्हाई में मुझको खोने दो!
    बेकरार ख्वाब हैं आने को नजर में,
    थोड़ी देर चैन से मुझको सोने दो!

    मुक्तककार- #महादेव’

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