MaN(मन)

  • कोई नहीं है मंजिल न कोई ठिकाना है!
    हरपल तेरी याद में खुद को तड़पाना है!
    मैं कैसे रोक सकूँगा नुमाइश जख्मों की?
    जब शामे-तन्हाई में खुद को जलाना है!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • मुझको याद फिर तेरा जमाना आ रहा है!
    मुझको याद फिर तेरा फसाना आ रहा है!
    चाहत की मदहोशी से जागी है तिश्नगी,
    मुझको याद तेरा मुस्कुराना आ रहा है!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • फ़क्र है हमें, नाज है
    हरियाणा की बेटी
    तू भारत की शान है|

  • मैं बेटी हूँ…..
    मैं गुड़िया मिट्टी की हूँ।
    खामोश सदा मैं रहती हूँ।
    मैं बेटी हूँ…..

    मैं धरती माँ की बेटी हूँ।
    निःश्वास साँस मैं ढोती हूँ।
    मैं बेटी हूँ……..
    मैं गुड़िया मिट्टी की हूँ।
    खामोश […]

  • होते ही शाम तेरी प्यास चली आती है!
    मेरे ख्यालों में बदहवास चली आती है!
    उस वक्त टकराता हूँ गम की दीवारों से,
    जब भी यादों की लहर पास चली आती है!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • पास हो कर भी जरा सा दूर हो तुम!
    हुस्न पर अपने बहुत मगरूर हो तुम!
    तेज हैं तलवार सी तेरी निगाहें,
    बेवफाओं में मगर मशहूर हो तुम!

    मुक्तककार – #मिथिलेश_राय

  • जब से लबों पे आया है तेरा नाम फिर से!
    जैसे लबों पे आया है कोई जाम फिर से!
    तेरी याद बंध गयी है साँसों की डोर से,
    मुझको तरसाती हुई आयी है शाम फिर से!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • तेरे सिवा दिल में कोई आता नहीं कभी!
    तेरे सिवा दिल को कोई भाता नहीं कभी!
    मुझे मंजिल मिल न पायी तकदीर से लेकिन,
    सिलसिला तेरी यादों का जाता नहीं कभी!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • मेरी नजर से दूर तुम जाया न करो!
    मेरी चाहत को तुम तड़पाया न करो!
    तेरे लिए बेचैन हैं मेरी ख्वाहिशें,
    मेरे प्यार पर गमों का साया न करो!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • मुझसा कोई तेरा दीवाना नहीं होगा!
    मुझसा कोई तेरा परवाना नहीं होगा!
    हार चुका हूँ मंजिल को तकदीर से लेकिन,
    मुझसा कभी मशहूर अफसाना नहीं होगा!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • मंजिल की तलाश में तूफान मिल जाते हैं!
    रास्तों में ख्वाबों के शमशान मिल जाते हैं!
    उस वक्त भीग जाती हैं आँखें अश्कों से,
    जब कभी भी यादों के निशान मिल जाते हैं!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • Mithilesh Rai changed their profile picture 2 weeks, 2 days ago

  • Mithilesh Rai changed their profile picture 2 weeks, 2 days ago

  • मैं कबतक राह देखूँगा तेरे आने की?
    तुमको राहे-जिन्दगी में फिर से पाने की!
    धीरे धीरे चुभ रही है तन्हाई दिल में,
    जाग उठी है जुस्तजू फिर से पैमाने की!

    #महादेव_की_मुक्तक_रचनाऐं

  • क्यों तुम शमा-ए-चाहत को बुझाकर चले गये?
    क्यों तुम मेरी जिन्दगी में आकर चले गये?
    हर गम को जब तेरे लिए सहता रहा हूँ मैं,
    क्यों तुम मेरे प्यार को ठुकराकर चले गये?

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • मेरे दिल से तेरी बेवफाई न गयी!
    मेरी नजर से तेरी रुसवाई न गयी!
    मुश्किल से अंजाम को भूला हूँ लेकिन,
    तेरे प्यार की कभी अंगड़ाई न गयी!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • जो दिल में छुपी हुई है उस बात को समझो!
    जो मुझको तड़पाती है उस रात को समझो!
    कभी नींद नहीं आती है तेरी चाहत को,
    मेरी इस बेचैनी की हालात को समझो!

    मुक्तककार – #मिथिलेश_राय
    #मात्रा_भार_25

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