Manisha Nema

  • मेरी हर कोशिश तुम्हें पाने के लिए थी!
    तेरी जुल्फों के तले आने के लिए थी!
    लेकिन समझ न पाया मैं तेरी दिल्लगी,
    तेरी हर अदा तो तड़पाने के लिए थी!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • हमें दर्द जिंदगी में मिलते रहेंगे!
    हम राहे-मंजिलों पर चलते रहेंगे!
    डरते नहीं किसी से रंग मौसमों के,
    फूल तमन्नाओं के खिलते रहेंगे!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • बदलते रहते हैं ज़ुबा लोग पल दो पल में कई बार,
    मगर एक चेहरा बदलने में मुकम्मल वक्त लगता है,
    छुपाने से छिप जाते हैं राज़ सिरहाने में कई बार,
    मगर झूठ से पर्दे उठ जाने में ज़रा सा वक्त लगता है॥

    – राही (अंजाना)

  • मुझको तेरी चाहते-नजर चाहिए!
    दिल में तमन्नाओं की लहर चाहिए!
    झिलमिलाते ख्वाब हों जुगनू की तरह,
    मुझको यादों का वही शहर चाहिए!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • किनारे पर भी रहूँ तो लहर डुबाने को आ जाती है,

    बीच समन्दर में जाने का हौंसला हर बार तोड़ जाती है,

    दिखाने को बढ़ता हूँ जब भी तैरने का हुनर,

    समन्दर की फिर एक लहर मुझे पीछे हटा जाती है,

    अनजान है वो लहर एक […]

  • वो परछाईं सा साथ चलता रहा है,
    कभी दिखता तो कभी छिपता रहा है,
    दिन के उजाले की शायद समझ है उसको,
    तभी अंधेरे में ही अक्सर मिलता रहा है,
    कभी चाँद सा घटता तो कभी बढ़ता रहा है,
    हर हाल में वो मुझसे रुख करता र […]

  • मैं कैसे कहूँ कि तेरा दीवाना नहीं रहा?
    मैं कैसे कहूँ कि तेरा परवाना नहीं रहा?
    मुझे खींचती है मधुशाला तेरे नयनों की,
    मैं कैसे कहूँ कि आशिके-पैमाना नहीं रहा?

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • बचपन से ही जीवन के रंग में,
    मैं धीरे धीरे ढ़ल लेती थी,

    छोटे छोटे पैरों से अक्सर,
    मैं खुद अपने दम पर चल लेती थी,

    रिश्तों की एक मोटी चादर को,
    मैं साँझ सवेरे बुन लेती थी,

    अपने सम्बंधों की माला में,
    मैं फ […]

  • जो करता रहा इंतज़ार पल पल,
    आज हर पल का वो हिसाब माँगता है,
    दिल के रिश्तों की कीमत और प्यार का खिताब माँगता हैं,
    कितना बदल गया है वो,
    हर बात पर अब ईनाम माँगता है,
    तरसता था मिलने को हर दिन कभी, आज वही हर दिन […]

  • आसमान में पतंग, यारों का कोई यार नहीं दिखता,

    आज के रिश्तों में वो गहरा कोई प्यार नहीं दिखता,

    मिलते हैं ख़्वाबों में आकर चेहरे अंजाने अक्सर,

    मगर हकीकत में चेहरा कोई क्यों साफ़ नहीं दिखता।।

    राही (अंजाना)

  • चुप्पियाँ कहती हैं कितना बोलता हूँ मैं,
    सपने कहते है कितना जागता हूँ मैं,
    रास्ते कहते हैं कितना ठहरता हूँ मैं,
    लम्हें कहते हैं कितना सिमटता हूँ मैं,
    चादर कहती है कितना लिपटता हूँ मैं,
    हथेली कहती है कितना ब […]

  • बंद होकर भी आँखें कुछ बोल जाती हैं!
    राह तमन्नाओं की कुछ खोल जाती हैं!
    रोशनी जल जाती है यादों की शक्ल में,
    दर्द की लहरें जेहन में डोल जाती हैं!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • मेरी शामें-तन्हाई न खाली जाएगी!
    मेरी जुबां पे फिर से आह डाली जाएगी!
    सोहबत बुरी है मेरी दिलजलों से साकी,
    मयखानों से गम की राह निकाली जाएगी!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • तुम मेरी जिन्दगी से यादों को ले लो!
    तुम मेरे दर्द की फरियादों को ले लो!
    मैं कब तलक सहता रहूँ आहे-तमन्ना?
    तुम मेरे ख्यालों से इरादों को ले लो!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • अँधेरे और रौशनी के बीच का फर्क मिटाना चाहती हूँ,

    माँ की कोख से निकल बाहर मैं आना चाहती हूँ,

    जो समझते है बोझ मैं उनको जगाना चाहती हूँ,

    कन्धे से कन्धा मिलाकर अब दिखाना चाहती हूँ,

    खड़ी हैं दीवारें जो […]

  • तेरी आँखों के बिस्तर पर अपने प्यार की चादर बिछा दूँ क्या?
    तेरे ख़्वाबों के तकिये के सिरहाने मैं सर टिका लूँ क्या?
    कर दूँ मैं मेरे दिल के जज़्बात तेरे नाम सारे,
    दे इजाज़त के तेरी आँखों से मेरी आँखें मिला लूँ क्या? […]

  • सोचता हूँ आज तुमसे मुलाकात कर लूँ!
    रात की तन्हाई में तुमसे बात कर लूँ!
    तेज कर लो तुम फिर से तीर-ए-नज़र को,
    जख्मों को सह लेने की करामात कर लूँ!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • मेरी जिंदगी गमों से डर पाएगी क्या?
    दिल में ख्वाहिश गैऱ की कर पाएगी क्या?
    सब्र अभी जिन्दा है जख्मों को सहने का,
    वस्ल से पहले तमन्ना मर पाएगी क्या?

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • तेरी यादों के कदम रुकते नहीं कभी!
    तेरी जुल्फों के सितम रुकते नहीं कभी!
    रोशनी उम्मीदों की जलती है हरदम,
    तेरी चाहत के वहम रुकते नहीं कभी!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

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