Manisha Nema

  • सरहद के दोनों ओर है रैन-बसेरा तितलियों का,
    दोनों ही मुल्कों पर है जैसे पहरा तितलियों का,

    सुबह से शाम बातें हवाओं से करती हैं,
    मौसम दीवाने से है जैसे रिश्ता गहरा तितलियों का,

    खबर है सबकी खबरदार रहो इनसे,
    कहता है रंग सुनहरा तितलियों का॥
    राही (अंजाना)

  • आप जबसे जिन्दगी में मिल गये हैं!
    रास्ते मंजिल के फिर से खिल गये हैं!
    जागे हैं ख्वाबों के पल निगाहों में,
    जख्म भी जिगर के जैसे सिल गये हैं!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • क्यों तुम भटक गये हो वस्ल की राहों में?
    क्यों तुम बिखर गये हो दर्द की आहों में?
    ढूँढती हैं मंजिलें रफ्तार हिम्मत की,
    क्यों तुम नजरबंद हो खौफ की बाँहों में?

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • जबसे तेरे दर्द का पैगाम आ गया है!
    तबसे मेरी जिन्दगी में जाम आ गया है!
    मैं क्या करूँ नुमाइश अपनी तमन्नाओं की?
    जब तेरा बेवफाओं में नाम आ गया है!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • तुम मेरी जिन्दगी में खास बन गये हो!
    तुम मेरी मंजिलों की प्यास बन गये हो!
    हर वक्त तड़पाते हो आकर यादों में,
    तुम मेरे दर्द का एहसास बन गये हो!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय (23)

  • Shakun Saxena and Pankaj Soni are now friends 5 days ago

  • Saurabh Singh and Pankaj Soni are now friends 5 days ago

  • ये कैसा तसव्वुर, कैसा रब्त, कैसा वक्त है,
    जो कभी होता भी नहीं, कभी गुजरता भी नहीं,
    ये कैसा रंग, कैसा वर्ण, कैसा रोगन है,
    जो कभी चढ़ता भी नहीं, कभी उतरता भी नहीं,
    ये कैसा सफर, कैसा रस्ता, कैसा मन्ज़र है,
    जो कभी […]

  • Shakun Saxena posted an update 6 days ago

    सावन की ओर से हरिवँश राय बच्चन की (मधुशाला) पुस्तक पुरस्कार में प्राप्त की।।
    धन्यवाद सावन

  • तेरा ख्याल मुझको तड़पाकर चला गया!
    अश्कों को निगाहों में लाकर चला गया!
    नींद भी आती नहीं है तेरी याद में,
    करवटों में दर्द को जगाकर चला गया!

    मुक्तककार -#मिथिलेश_राय

  • Saurabh Singh and Profile picture of sagar sharmasagar sharma are now friends 1 week ago

  • Shakun Saxena and Profile picture of sagar sharmasagar sharma are now friends 1 week ago

  • दर्द तन्हा रातों की कहानी होते हैं!
    तड़पाते हालात की रवानी होते हैं!
    कभी होते नहीं जुदा यादों के सिलसिले,
    दौरे-आजमाइश की निशानी होते हैं!

    मुक्तककार -#मिथिलेश_राय

  • कोई रोके लाख मगर सवेरा नहीं रुकता!
    सामने उजालों के अंधेरा नहीं रुकता!
    हम रोक लेंगे हिम्मत से तूफाने-सितम को,
    जुल्मों के खौफ से कभी बसेरा नहीं रुकता!

    मुक्तककार -#मिथिलेश_राय

  • Mithilesh Rai posted an update 1 week, 1 day ago

    कोई रोके लाख मगर सवेरा नहीं रुकता!
    सामने उजालों के अंधेरा नहीं रुकता!
    हम रोक लेंगे हिम्मत से तूफाने-सितम को,
    जुल्मों के खौफ से कभी बसेरा नहीं रुकता!

    मुक्तककार -#मिथिलेश_राय

  • तेरी याद कभी-कभी मुस्कान देती है!
    तेरी याद कभी-कभी तूफान देती है!
    टूटी हुई चाहत भी जुड़ जाती है कभी,
    कभी-कभी हर आलम सूनसान देती है!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • तेरी आज भी मुलाकात का असर है!
    तेरे ख्यालों की हर बात का असर है!
    नींद उड़ जाती है यादों की चोट से,
    तड़पाते लम्हों की रात का असर है!

    मुक्तककार-#मिथिलेश_राय

  • इश्तेहार सी हो गयी है ज़िंदगी मेरी
    जैसी दिखती है, होती नहीं कभी,

    सभी के हाथों में सुबह सवेरे पहुंच जाती है,
    मगर नज़रों में किसी के होती नहीं कभी,

    हर रोज पढ़े जाते है पन्ने इसके इस जहाँ में,
    मगर सुलह क […]

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