Maharshi pathak

  • 😭वो मेरे बिना…✒

    वो अपने घर के आँगन में अकेली घूमती होगी,
    देख कर फूल बगिये में यही बस सोचती होगी,
    मेरे हर नज़्म के माफ़िक़ लफ्ज़ वो बोलती होगी,
    अपने गुलशन में वो प्यार की खुशबू घोलती होगी।
    🌹
    अपने तन-मन से मेरे नाम जब वो बोलती होगी,
    ज़ुबा से रह के भी खामोश वो कैसे बोलती होगी,
    अपने डायरी में लिखकर वो राज़ सब खोलती होगी,
    लिख के वो ख़…[Read more]