Maharshi pathak

  • 😭वो मेरे बिना…✒

    वो अपने घर के आँगन में अकेली घूमती होगी,
    देख कर फूल बगिये में यही बस सोचती होगी,
    मेरे हर नज़्म के माफ़िक़ लफ्ज़ वो बोलती होगी,
    अपने गुलशन में वो प्यार की खुशबू घोलती होगी।
    🌹
    अपने तन-मन से मेरे नाम जब वो बोलती होगी,
    ज़ुबा से रह के भी खामोश वो कैसे बोलती होगी,
    अपने डायरी में लिखकर वो राज़ सब खोलती होगी,
    लिख के वो ख़…[Read more]

  • तुम्हारे साथ

    ✏✏✏✏✏

    जिस्म अभी है ज़िंदा

    पर ये रूह तुम्हारे साथ है,

    करने चले थे इश्क़

    पर अब अश्क़ हमारे साथ है,

    क्या कहे उस इश्क़ का

    अंजाम कुछ ऐसा मिला,

    हर ख़ुशी तुम्हारे साथ और

    हर गम हमारे साथ है. […]

  • Maharshi pathak became a registered member 1 month, 2 weeks ago