Janki Prasad (Vivash)

  • आपकी
    मुसकान के
    आधीन,
    यह दिल हो चुका ।
    अब नाजा
    जीते जी
    कभी भी
    हो सके आजाद यह ।
    अब
    इवादत
    प्यार की ,
    करता रहेगा उम्र भर ।
    इनायत
    या शिकायत
    की.,
    करेगा फरियाद यह ।

  • किसी का
    दिल भी ,
    आईने की तरह
    टूट गया।
    लाख
    पुचकार कर
    जोड़ें,
    नहीं जुड़ पाएगा ।
    रास्ता
    जिंदगी का
    बन गया
    आड़ा-टेढ़ा ,
    लाख चाहें ,
    नहीं
    सीधा कभी ,
    मुड़ पाएगा ।

  • अपलक टकटकी लगाकर, देखते ही देखते ।
    जिंदगी कब गुजर जाए, कुछ नहीं इसका पता।

  • निगाहों के रस्ते रस्ते ,
    प्यार का पैगाम दिल तलक पहुंचे ,
    प्यार की पहली नजर ही प्यार की
    पहली सीढ़ी है ।

  • बिखरना फिर सिमट जाना,
    इश्के अंजाम होता है ।
    प्यास दिल की बुझाने को ,
    नजर का जाम होता है।

  • आपका दर्द ,
    दिल को
    इस कदर,
    मुझको तो प्यारा है ।
    दर्द की
    दवा देने में ,
    अपना जीवन
    गुजारा है ।
    बढ़ीं बैचैनियाँ
    जब जब.,
    ना तुमको
    नींद आई है ,
    अपनी रातों को
    आँखों ने,
    रतजगा कर
    गुजारा है ।

    जानकी प्रसाद विवश

  • जिंदगी का हँसी सवेरा है ,
    दिल से इसका सभी सत्कार करो ।
    बात करना ही है तो , कर डालो ,
    खुल कर बस. प्यार की ही बात करो ।

    जिंदगी को ना झंझटों में ,और उलझाओ ,
    उलझनों की पहेली सुलझाओ।
    गीत गाने का अगर सब […]

  • दिल ले लेना , दिल दे देना
    यह बच्चों का ,खेल नहीं ।
    लाख जमाना कुछ भी करले,
    साथ न पल भर भी छूटे ।
    जानकी प्रसाद विवश
    प्यारे मित्रों,
    मंगलमय प्रभात की
    सर्व सुखकारी
    मंगलकामनाएँ,
    सपरिवारसहर्ष स्वीकार करें […]

  • मित्रता – तीर्थ ना जो जा पाया
    व्यर्थ मानव का जन्म है पाया।
    मित्र बिन जिंदगी मरुस्थल सी ,
    मित्रता जल ने उसे हरियाया ।

    मेरे प्यारे मित्रो ,
    प्रातःकाल की
    मधुर अनुभूति की सुहानी बेला में […]

  • शीत के सवेरे में ,
    गरमागरम राम राम ,
    भज ले मन राम राम ,
    बन जायें बिगड़े काम।

    पल भर निर्मल मन से
    जोभी याद करता है ।
    वह विपदाओं से ,कभी ,
    तिल भर नहीं डरता है ।

    करता है राम नाम हर ,
    विपदाओं का […]

  • दुआएं सुबह करें ,शाम करें ,
    प्यार कुछ मित्रता के नाम करें ।
    अपने हर मित्र का भला चाहें ,
    जिंदगी मित्रता का धाम करें।
    जानकी प्रसाद विवश
    प्यारे मित्रो….
    सपरिवारसहर्ष ,
    मित्रतामय सवेरे […]

  • सुवह सुवह
    ये गुनगुनी सी ,
    धूप रूप की ,

    लगी है
    सेंकने ये ,
    शीत -थरथराए तन ।

    उमग
    जगाने लगी ,
    मन में तपन प्यार की ,

    कि रूप का अलाव
    तापे , थरथराया ,
    तन और मन ।

    जानकी […]

  • मधुर सुवह का प्यार मित्रो ,
    मधुर सुवह का प्यार ।
    नहीं मित्रता से बढ़ कोई ,
    है कोई उपहार ।

    सदा मित्रता भाव हृदय में ,
    प्रेम-सुधा बरसाते ।
    रोम रोम हर्षाता , हर पल ,
    दुर्लभ अपनत्व लुटाते ।
    जानकी प् […]

  • अपने मित्रों की पीर हरण ,
    जो करता है ।
    मित्रता -कसौटी , जगजाहिर,
    वो करता है ।
    जब विपदाओं के ,चक्रव्यूह में,
    मित्र फँसे ,
    फिर अर्जुन जैसा बन कर मित्र ,
    कर्तव्य उजागर करता है ।
    जानकी प्रसाद विवश […]

  • अब तो आँखो से भी
    जलन होती हैं मुझे ऐ
    कान्हा
    खुली हो तो तलाश तेरी
    बंद हो तो ख्वाब तेरे

    आप सभी कृष्ण प्रेमियों को
    जय श्री राधे राधे
    जय श्री कृष्ण
    जय शिव शम्भू
    शुभप्रभात

    आप का दिन
    शुभ एवं मं […]

  • तुम खिलखिलाते खिल उठे
    गुलशन लजा गया ।
    पहले कभी खिलाफ नहीं,
    ऐसा गुलाब था ।…..खुशियों की गंध मुबारक हो।

    आपका….. जानकी प्रसाद विवश…..।

  • आपने पत्थर को
    हीरा बना दिया,
    दीवानगी ने जाने कब,
    मीरा बना दिया।

    निरंतर पढ़ते रहें …
    जानकी प्रसाद विवश का रचना संसार……।।

  • वक्त की परीक्षा में पास
    तुम्हें होना है
    हर पल हँसते रहना
    कभी नहीं रोना है।
    कोशिश मे कोई कसर
    कभी भी नहीं छोड़ो
    आगे जो कुछ होना
    वो सब तो होना है ।

    निरंतर पढ़ते रहें …
    जानकी प्रसाद विवश का रचना संसार……।।

  • सभी प्यारे मित्रों को शुभ सांय…..
    निष्ठुर मेघ…..
    काजल से कजरारे बदरा.
    थोड़े से बरसे ,
    सब जड़ चेतन ,प्यासी धरती,
    प्यासे मन तरसे ।
    कितने ढोल नगाड़े पीटे ,
    निज अगवानी के ।
    मोर पपीहे गीत गा उठे थे,
    मेहमानी के।
    ग […]

  • Load More