देव कुमार

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  • शकुन सक्सेना - "बिना मिले वो मुझेको इतने रंग लगा लेती है, जब भी ख़्वाबों में अपने वो मुझको बुला लेती है, यूँ तो पीने की कभी कोशिश ही नहीं की मैंने, वो आखों से ही मुझे जो इतनी पिला लेती है।। राही (अंजाना) हैप्पी होली"View
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  • Profile picture of ashmita
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  • Profile picture of ज्योति कुमार
    ज्योति कुमार - "जब-जब मै हारा मेरे कलमो ने दिया मुझे सहारा।।"View
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    Mithilesh Rai - "कोई रोके लाख मगर सवेरा नहीं रुकता! सामने उजालों के अंधेरा नहीं रुकता! हम रोक लेंगे हिम्मत से तूफाने-सितम को, जुल्मों के खौफ से कभी बसेरा नहीं रुकता! मुक्तककार -#मिथिलेश_राय"View
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  • Neetika sarsar - "वो रात-भर कतरा-कतरा करके जलता रहा, में रात-भर उससे नन्हे-नन्हे, भूखे ख्वाबो के लिए उम्मीद की रोटियां सेंकती रही, वो कौन था मेरा, ये रात-भर पूछती भी रही, और बताती भी रही!"View
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    Neelam Tyagi - "जन्माष्टमी की शुभकामनाएं"View
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  • Panna - "न उस रात चांदनी होती न वो चांद सा चेहरा दिखता न मासूम मोहब्बत होती न नादान दिला ताउम्र तडपता"View
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    Priya Bharadwaj - "मैं बहुत ही सिंपल हूं और सिंपल सा ही लिखती हूं, उम्मीद है आपको पसंद आयेंगी मेरी कवितायें 🙂"View
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    Ritu Soni - "@pankaj-4 thanks a lot for voting my poem"View
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    सीमा राठी - "Feeling blessed"View
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    Anirudh sethi - "दिलो के गम छुपाये नहीं छुपते कभी अश्कों में, कभी लफ़्जों में निकल आते है वक्त बे वक्त और छोड़ जाते है निशानी खारी खारी सी, काली नीली सी"View
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