Kya Kare Koi

Kya Kare Koi

…..………………….Just A Few Lines………………..

उसकी खुशबू से महकी हैं सारी फ़िज़ाये
गुलों के रंग भी यूँ फीके पड़ जाए

न मय न मय-खाना ये जादू कर पाए
उसका नशा यूँ, कोई क्या ही कर पाए….

जो बीते है हम पर कोई उनको बतलाये
दिल हैं संभालें पर धड़कन ना आये

आफत-ए-इश्क़ वो हमको समझाएं
पर होवे दोबारा, कोई क्या ही कर पाए….

– पीयूष निर्वाण

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4 Comments

  1. ज्योति कुमार - August 10, 2018, 5:03 pm

    Waah

  2. Piyush - August 10, 2018, 5:10 pm

    Shukriya

  3. Panna - August 10, 2018, 8:33 pm

    bahut khoob

  4. Piyush - August 11, 2018, 12:17 am

    Shukriya @panna

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