khwahishen

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सेहम जाती है आँखे अधुरे ख्वाहिशों के बारिश में भीग कर,
एहसासों के बदलते भंवर में अक्सर डुब जाती हुं मैं ….

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2 Comments

  1. राही अंजाना - July 25, 2018, 9:08 pm

    Waah

  2. Bidya - July 27, 2018, 6:46 pm

    Thank u

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