khwahishen

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सेहम जाती है आँखे अधुरे ख्वाहिशों के बारिश में भीग कर,
एहसासों के बदलते भंवर में अक्सर डुब जाती हुं मैं ….

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3 Comments

  1. राही अंजाना - July 25, 2018, 2:47 pm

    वाह।

  2. ज्योति कुमार - July 25, 2018, 3:32 pm

    Waah kya baat hai g

  3. Bidya - July 27, 2018, 6:47 pm

    Thank u ?

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