कुछ कमाल हो जाए

कुछ कमाल हो जाए

      ए मालिक क्यों ना कुछ कमाल हो जाए ,

      ऐसा अपनी दुनिया में ध्माल हो जाए ,

      हर शैतान इंसानीयत का कायल हो जाए 

      द्वैत की उलझन सलट, सब अद्वैत हो जाए ,

      यह दुआ जो यूई की कबूल हो जाए ,

      तो हर नर तुझ्सा नारायण हो जाए 

                                                    …… यूई

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क्या मैं तेरे जैसा नही

तू सबके दुःख हर जाता है

4 Comments

  1. Mohit Sharma - February 4, 2016, 10:29 am

    kya baat he…very nice sir

    • मिथिलेश राय ( महादेव ) - February 4, 2016, 3:40 pm

      शुक्रिया

      • मिथिलेश राय ( महादेव ) - February 4, 2016, 3:40 pm

        Nice

  2. मिथिलेश राय ( महादेव ) - February 4, 2016, 3:39 pm

    Nice

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