भूल गयी

जख़्म तो बहुत दिए तुमने, मगर मलहम लगाना भूल गयी
याद तो रोज आती थी आपको मेरी, लेकिन आँसु बहाना भूल गयी
जब दुनिया में आपके पास कोई न हो तब मुझे बुला लेना
लेकिन तब ये न कहना की तेरा नम्बर सेव करना भूल गयी

Previous Poem
Next Poem

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

2 Comments

  1. ज्योति कुमार - February 25, 2019, 11:06 am

    waah waah

  2. राही अंजाना - February 26, 2019, 10:17 pm

    वाह

Leave a Reply