Tery yade

तेरी यादों की जागीर है जन्नत मेरी ,
हर पल हर छण तुम ही को देखती है आंखें मेरी ,
नजर तो आओ तुम ही को ढूंढती हैं आंखें मेरी ,
तेरे सिवा किसी को नहीं देखती हैं आंखें मेरी ,
अब चले भी आओ कि सूनी है आंखें मेरी ,
इन हवाओं से कह दो ना रास्ता रोके तेरी ,
यह दुनिया बिरान है बस तुझ बिन मेरी…..

Previous Poem
Next Poem

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

Leave a Reply