हर तरफ काँटों का जाल बिखरा है ,
उसे बचना हो तो कह दो साथ में रहे !
सज धज के आयी है आज महबूबा मेरी,
चाँद को कह दो अपनी औकात में रहे !!

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4 Comments

  1. JYOTI BHARTI - March 9, 2017, 10:57 pm

    Waah

  2. Anjali Gupta - March 11, 2017, 12:13 am

    nice one

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