हसीनों की वादियों में

हसीनों की वादियों में बदसूरतों को भी रहने दीजिए,
दर्द कितना है फ़िज़ाओं में ज़रा हमें भी सहने दीजिए !
जानते हैं वक़्त है आपका पर हमें भी थोड़ी पनाह दीजिए,
मारना है तो फिर मार डालना बस कुछ पल तो जीने दीजिए !
हसीनों की वादियों में ……………………………………………………………
बहुत हुआ दीदार अब तो ज़रा सरमा दीजिए,
नहीं बन पड़ रहा तो अनायास ही मुस्करा दीजिए !
आए हैं मेहमान आपके नज़रें तो उठा लीजिए,
इतने भी बुरे नहीं ज़रा दीवाना समझ अपना लीजिए !
हसीनों की वादियों में ……………………………………………………………
चाँद से क्या कोई माँगे ज़रा रोशनी तो दीजिए,
इन झुकी पलकों में कुच्छ पल तो रहने दीजिए !
खूब सूरत आप हैं इसका इल्म तो करा दीजिए,
इन गुलाबी होठों को अब तो हिला दीजिए !
हसीनों की वादियों में ……………………………………………………………

By KS Rathore

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2 Comments

  1. देवेश साखरे 'देव' - February 9, 2019, 12:16 pm

    बहुत सुंदर

  2. ashmita - February 10, 2019, 11:24 am

    Nice

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