खुशियाँ

जहाँ कचरे के ढ़ेर में भी बच्चे खुशियाँ ढूंढ़ लेते हैं,
वहीं कमज़र्फ दिल इसमें भी सुर्खियाँ ढूंढ़ लेते हैं।।

राही अंजाना

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2 Comments

  1. देवेश साखरे 'देव' - March 7, 2019, 12:04 am

    बढ़िया

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