सांसों की आवाज़

सांसों की आवाज़ एक दूजे को सुनाई जाती है,
होटों पर अक्सर ही ख़ामोशी दिखाई जाती है,

एक चेहरे पर एक चेहरा कुछ इस कदर चढ़ता है,
के जिस्म पर जैसे किसी कोई रूह चढ़ाई जाती है,

किसमे कौन कहाँ कैसे समाया पता नहीं चलता है,
जख्मों पर जब मोहब्बत की दवाई लगाई जाती है।।

राही अंजाना

Previous Poem
Next Poem

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

4 Comments

  1. ashmita - February 10, 2019, 11:24 am

    Nice

  2. Antariksha Saha - February 11, 2019, 5:24 pm

    बहुत उम्दा है भाई

Leave a Reply