हम तो नयन बंद कर बैठे थे

हम तो नयन बंद कर बैठे थे,
आपने हमे ऑखे खोलना सिखाया।
हम तो सिर्फ सोना ही जानते थे,
आपकी संगत ने हमें जीना सीखा दिया।।
पर फक्र न करना ऐ मेरे मालिक,
हमें जगाकर आप न जाने कहाँ खो गए।
हमारी दुआ पूरी कर खुद ही हमारी दुआ बन गए।।

Previous Poem
Next Poem

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

3 Comments

  1. ashmita - December 20, 2018, 4:24 pm

    बहुत खूब

  2. Mithilesh Rai - December 20, 2018, 9:42 pm

    बहुत खूब

Leave a Reply