Haba jara thahar tu

ऐ हवा जरा ठहर तू,
मेरी एक बात तो सुन,
क्यों रूकती नहीं मेरे पास तुम,
करनी है तुमसे कुछ बात,

ऐ हवा जरा ठहर तू……
कहां से आई हो तुम ?
कहां तुझे जाना है ?
हौले हौले रेशम सी तेरी चाल,

ऐ हवा जरा ठहर तू ……
इठलाती हुई अल्लड वाला तुम ,
कोई गम नहीं क्या तेरे पास?
लहराती हुई चली कहा तुम?

ऐ हवा जरा ठहर तू …..
रुक जा तू अब बस मेरे पास,
तू है मेरी सहेली सुन,
गर रुकी नहीं तो,
मैं भी चल दूंगी अब तेरे साथ |

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2 Comments

  1. देवेश साखरे 'देव' - March 23, 2019, 5:58 pm

    बहुत सुंदर

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