महिमा

“महिमा अनंत है
महलों में दिये की
बिस्तर पर तकिये की
बारात मे दूल्हे की
घर मे चूल्हे की
महिमा अनंत है
बागों मे माली की
ससुराल में साली की
महफ़िल में शराब की
बाद में बेकरारी की
महिमा अनंत है
जिंदगी में प्यार की
प्यार में तकरार की
धोके में पाकिस्तान की
दोस्ती में हिन्दुस्तान की
महिमा अनंत है !

Previous Poem
Next Poem

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

1 Comment

Leave a Reply